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भोपाल पुलिस कमिश्नर का अनोखा प्रयास, थाना प्रभारियों की होगी मासिक परीक्षा, तीन बार फेल हुए तो कुर्सी जाएगी

भोपाल/ थाना प्रभारियों की कार्यकुशलता के लिए अनूठा ग्रेडिंग सिस्टम, हर महीने 22 पुलिसिंग पैमानों और 1000 अंकों पर परखी जाएगी थानेदारी, खराब प्रदर्शन और लापरवाही पर होगी माइनस मार्किंग, जा सकती है कुर्सी

अब थानेदारों की कार्यकुशलता केवल अपराध दर्ज करने या शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर महीने उन्हें 1000 अंकों की परीक्षा से गुजरना होगा। लगातार तीन माह तक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले थाना प्रभारियों को कुर्सी गंवानी पड़ सकती है।

एक थाने का फरार, दूसरी थाना पुलिस ने पकड़ा तो मिलेंगे बोनस मार्क्स

ग्रेडिंग सिस्टम में कुल 22 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। इनमें आर्म्स एक्ट के प्रकरण, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, स्थायी और गिरफ्तारी वारंट की तामिली, फरार आरोपितों की गिरफ्तारी, निगरानीशुदा बदमाशों पर कार्रवाई, जिलाबदर अपराधियों की मॉनिटरिंग, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, गंभीर अपराधों की विवेचना और अपराध नियंत्रण जैसे विषय प्रमुख हैं।

हर विषय के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। कुछ श्रेणियों में 50 अंक तो कुछ में 20 या उससे अधिक अंक दिए जाएंगे। महीने के अंत में सभी बिंदुओं के आधार पर थाना प्रभारी का कुल स्कोर तैयार होगा।

इस परीक्षा की सबसे खास बात यह है कि केवल अच्छे कार्यों पर अंक नहीं मिलेंगे, बल्कि लापरवाही और कमजोर प्रदर्शन पर अंक काटे भी जाएंगे। यदि किसी थाने में जिलाबदर बदमाश की निगरानी में कमी पाई गई, गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई, लंबित वारंटों की संख्या बढ़ी या किसी फरार आरोपित को दूसरे थाना क्षेत्र की पुलिस ने पकड़ लिया, तो संबंधित थाना प्रभारी के अंक कम किए जाएंगे। वहीं दूसरी थाना पुलिस को बोनस अंक मिलेंगे।

संगीन अपराधों में आरोपितों की जमानत का प्रभावी विरोध करने, फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने और विशेष अभियानों में बेहतर प्रदर्शन करने पर अतिरिक्त अंक मिलेंगे।

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने हाल ही में कमिश्नरेट कार्यालय में सभी थाना प्रभारियों की बैठक लेकर नए ग्रेडिंग सिस्टम की विस्तृत प्रस्तुति दी। पीपीटी के जरिए मूल्यांकन के मापदंड, अंक प्रणाली और माइनस मार्किंग का पूरा मॉडल समझाया गया। इस व्यवस्था का ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना है।

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खाद्य सुरक्षा एवं पीएचई विभाग की संयुक्त कार्रवाई सांवरिया वाटर प्लांट का निरीक्षण किया

रतलाम : खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल एवं पीएचई विभाग के एसडीओ इरफान अली द्वारा बड़ावदा स्थित सांवरिया वाटर प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पानी के नमूने लिए गए।

निरीक्षण में प्रतिष्ठान पर खाद्य पंजीयन पाया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पानी का नमूना गुणवत्ता एवं मानक स्तर की जांच के लिए लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है।

निरीक्षण के दौरान प्लांट संचालक को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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नाली निर्माण के साथ मलबा हटाने का काम तेज करें-कलेक्टर सिंह, मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान रहवासियों को आने-जाने में परेशानी नही हो इसका ध्यान रखें

उज्जैन । सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए शहर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मार्ग चौड़ीकरण के कार्य किए जा रहे है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जा रहे है। रविवार शाम को नियमित निरीक्षण के तहत कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा के साथ नगर निगम के माध्यम से प्रगतिरत शहर के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान मार्ग के दोनों ओर साईट नाली निर्माण करने और सड़क का मलबा हटाने का कार्य प्राथमिकता के साथ करें। जिससे कार्य के दौरान रहवासियों को आने-जाने में परेशानी नही हो।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने रविवार को महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए प्राचीन महाकाल द्वार के समीप से कहारवाड़ी तक निर्माणाधीन मार्ग का कार्य किया जा रहा है। मौके पर निगम आयुक्त श्री मिश्रा ने जानकारी दी कि मार्ग में दोनों ओर रिटर्निंग वाल का कार्य प्रगतिरत है। हेरिटेज होटल के सामने मार्ग में राफ्ट फाउंडेशन का कार्य किया गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने मार्ग निर्माण के लिए संसाधन बढ़ाकर तेज गति से करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने हरसिद्धि की पाल से रामघाट तक निर्माणाधीन मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निगम आयुक्त मिश्रा ने कार्य प्रगति की जानकारी दी। मौके पर कलेक्टर श्री सिंह ने निर्माण सामग्री का अवलोकन कर निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने ढाबारोड़ से टंकी चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि चौड़ीकरण कार्य के दौरान मार्ग के दोनों ओर नाली निर्माण तेज गति से करने और सड़क से मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त संसाधन बढ़ाकर रात्रि में भी कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि रहवासियों को आने-जाने में कोई परेशानी नही हो इसके लिए मलबा तुरंत हटाया जाए।
कलेक्टर सिंह ने छोटा सराफा से सतीगेट, कंठाल चौराहा, कोतवाली के सामने तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का अवलोकन पैदल भ्रमण करते हुए किया। नगर निगम आयुक्त द्वारा कार्य प्रगति की जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि कंठाल से सतीगेट मार्ग चौड़ीकरण कार्य में सड़क के दोनों साइट से नाली निर्माण का कार्य तेज गति से किया जाए। रात्रि के समय मलबा हटाने का कार्य किया जाए जिससे कार्य प्रभावित नही हो और रहवासियों को भी परेशानी न हो। कलेक्टर ने मौके पर कार्य देखने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने और गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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द्वितीय युवा संस्कृत सम्मेलन का भव्य समापन

उज्जैन । कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन द्वारा आयोजित द्वितीय युवा संस्कृत सम्मेलन का रविवार को भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। सम्मेलन के द्वितीय दिवस का कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुआ, जिसमें डॉ. महेंद्र पाण्डेय एवं डॉ. मीनाक्षी सिंह ने दीप प्रज्वलित किया।
सत्र का शुभारंभ करते हुए अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे ने कहा कि संस्कृत हमारी व्यावहारिक भाषा है। संस्कृत को सरल समाधान के रूप में अपनाकर हम देश भर से पधारे संस्कृतज्ञों को अपना जीवन समर्पित कर सकते हैं। उन्होंने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न विद्वानों का सम्मान किया।
प्रथम सत्र में विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। श्री कैलाश किशोर, श्री हरिप्रित मिश्र, श्री राधेश्याम मनु भाई, डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय, डॉ. शशिकांत तिवारी, डॉ. मधुसूदन मिश्र, डॉ. सपना चंदेल, डॉ. रविशंकर द्विवेदी, डॉ. सपना कुमार निशाद, डॉ. शशिकांत तिवारी आदि ने संस्कृत साहित्य, काव्यपाठ एवं अपनी रचनाओं का पाठ किया।
डॉ. विपिन कुमार द्विवेदी ने कहा कि काव्य ऐसी होनी चाहिए जिससे सुनने में भी अच्छा लगे, शब्दों का चयन सटीक हो। उन्होंने मधुर मधुशाला कविता का पाठ किया। डॉ. शिवकांत तिवारी (पटना) ने महर्षि वाल्मीकि एवं तुलसीदास जी का स्मरण करते हुए संस्कृत काव्य की महत्ता पर प्रकाश डाला।
डॉ. प्रीति पुजारा (अहमदाबाद) ने लघु नीतिका प्रस्तुत की।
द्वितीय सत्र संस्कृत पत्रकारिता विषय पर केंद्रित रहा। डॉ. ऋषिराज पाठक (नई दिल्ली) ने संस्कृत पत्रकारिता की वर्तमान समस्याओं एवं भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. अशोक कुमार विश्वोई, डॉ. रविशंकर द्विवेदी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय (चित्रकूट) ने भी अपने विचार रखे।
उज्जैन के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीश शर्मा ने संस्कृत भाषा के उपयोग को हिंदी के साथ जोड़ते हुए कहा कि संस्कृत का व्यावहारिक उपयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने संस्कृत पत्रकारिता से बाहर निकलने की आवश्यकता पर बल दिया।
समापन अवसर पर कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे ने देश भर से पधारे सभी संस्कृतज्ञों का आभार व्यक्त किया और संस्कृत के उत्थान के लिए उज्जैन में बार-बार आने का आमंत्रण दिया।
सत्र का संचालन डॉ. मीनाक्षी सिंह (इंदौरी) ने कुशलतापूर्वक किया।

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दुग्‍ध उत्‍पादन को बढ़ाने के लिए नस्‍ल सुधार अत्‍यंत आवश्‍यक

कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त की बैठक में पशुपालन और मत्‍स्‍य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देश

उज्जैन । शनिवार को कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त श्री अशोक वर्णवाल की अध्‍यक्षता में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक के द्वितीय सत्र में पशु पालन, पशु चिकित्‍सा एवं मत्‍स्‍य पालन की समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं पशु चिकित्‍सा श्री उमाकांत उमराव, प्रबंध निदेशक म.प्र मत्‍स्‍य महासंघ श्री अनुराग चौधरी, संभागायुक्‍त श्री आशीष सिंह और संभाग के समस्‍त जिलों के कलेक्‍टर, सीईओ जिला पंचायत और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।     बैठक में पशुपालन एवं पशु चिकित्‍सा की संभागीय समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव श्री उपराव ने पावर पॉइंट प्रेजेन्‍टेशन के माध्‍यम से विभागीय गतिविधियों की विस्‍तार से चर्चा की। संभाग के समस्‍त जिलों के कलेक्‍टर्स द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में किए गए उल्‍लेखनीय कार्यों की जानकारी प्रदान की गई।     कलेक्‍टर उज्‍जैन श्री रौशन कुमार सिंह ने बताया कि सेक्‍स सॉर्टेड सिमन में इस बार उज्‍जैन जिले का लक्ष्‍य 1 लाख निर्धारित किया गया है। सीईओ जिला पंचायत उज्‍जैन श्री श्रेयांस कूमट ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में मिल्‍क एटीएम बनाए जाएंगे। इसमें चलित एटीएम वाहन के माध्‍यम से दुग्‍ध प्रदाय किया जाएगा। इसकी सप्‍लाय चेन भी बनाई जाएगी। यह कार्य उज्‍जैन सहकारी दुग्‍ध संघ मर्यादित और स्‍थानीय एनजीओ के सहयोग से किया जाएगा।     प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि हमारे प्रदेश में दुग्‍ध उत्‍पादन को बढ़ाने के लिए नस्‍ल सुधार अत्‍यंत आवश्‍यक है। हमें पशुओं के संतुलित आहार पर भी विशेष ध्‍यान देना होगा। हरे चारे के उत्‍पादन को बढ़ाना होगा। सहकारी समिति और स्‍वसहायता समूह के साथ समन्‍वय स्‍थापित कर उन्‍नत हरा चारा उगवाना होगा। पशु चिकित्‍सक अनिवार्य रूप से पशु चिकित्‍सालय में उपस्थित रहें अन्‍यथा उनके विरुद्ध सख्‍त कार्यवाही की जाए। हिरण्‍य गर्भ अभियान के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जाए।     बैठक में जानकारी दी गई कि कृत्रिम गर्भाधान में उज्‍जैन संभाग में अच्‍छा कार्य किया गया है। नस्‍ल सुधार के अंतर्गत मैत्री कार्यकर्ता निर्धारित लक्ष्‍य की पूर्ति करें अन्‍यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। सक्रि‍य मैत्री कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र जारी किए जाए। क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक गांवों को शामिल किया जाए। इनमें विभागीय समन्‍वय बेहद आवश्‍यक है। ब्रीडर संघ का गठन किया जाए। पशुपालकों को इसमें जोड़ा जाए।     दुग्‍ध उत्‍पादन बढ़ाने के लिए दुधारु पशुओं को संतुलित पोषण आहार दिया जाए। इसके लिए शासन द्वारा गोरस ऐप बनाया गया है। इसके माध्‍यम से पशुपालकों को पशु के लिए संतुलित आहार के बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। बैठक में डॉ. अंबेड़कर कामधेनु योजना और चलित पशु इकाई की भी समीक्षा की गई।     मत्‍स्‍य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त श्री वर्णवाल ने निर्देश दिए कि जिलों में जिला पंचायत के पास ऐसे जलाशय का चिन्‍हांकन किया जाए जिनका क्षेत्रफल 100 से 1000 हेक्‍टेयर हो तथा लगभग 15 फीट गहराई हो उनका सर्वे किया जाए और इनमें मत्‍स्‍य पालन को प्रोत्‍साहित किया जाए। इसमें युवा वर्ग को अधिक से अधिक शामिल किया जाए और उन्‍हें मत्‍स्‍य पालन से होने वाले लाभ के बारे में बताया जाए। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत मछलि‍यों के आहार के पैकेट की यूनिट बनाने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।   

 मुख्‍यमंत्री मछुआ कल्‍याण योजना के अंतर्गत बनाए गए स्‍मार्ट फिश पार्लर की समीक्षा के दौरान कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त ने निर्देश दिए कि र्स्‍मार्ट फिश पार्लर का प्रभावी रूप से क्रियान्‍वयन किया जाए। मत्‍स्‍य बीज उत्‍पादन में निर्धारित लक्ष्‍यानुसार शत प्रतिशत पूर्ति होनी चाहिए। मध्‍यप्रदेश में मत्‍स्‍य उत्‍पादन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्‍साहन मिलना चाहिए। जिलों में मत्‍स्‍य बीज संचय समितियों का गठन किया जाए।     पशु पालकों और मत्‍स्‍य पालकों को विभागीय योजनाओं में क्‍या लाभ प्राप्‍त होंगे इस बारे में उन्‍हें बताया जाए। साथ ही उक्‍त योजनाओं में किए गए अच्‍छे कार्य का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया कें माध्‍यम से रील बनाकर किया जाए।

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एकीकृत बागवानी विकास मिशन से समृद्ध हुआ नीमच का किसान

शेडनेट हाउस में खीरा-ककड़ी उगाकर दशरथ पाटीदार ने कमाए 4.75 लाख

नीमच : योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल जाए, तो मेहनत रंग लाती है। यह कहना है नीमच विकासखंड के ग्राम केलूखेड़ा के प्रगतिशील कृषक दशरथ-नरसिंहलाल पाटीदार का। परंपरागत गेहूं की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले दशरथ ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के तहत संरक्षित खेती को अपनाकर अपनी तकदीर बदल दी है। आज वे जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

पहले थी चुनौतियां, अब मिली नई राह- दशरथ बताते हैं, कि पहले वे 2500 वर्ग मीटर खेत में केवल गेहूं की खेती करते थे। सिंचाई, खाद-बीज पर 45 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी 55 क्विंटल उपज से 1,47,125 रुपये की कुल आय होती थी। सभी खर्च काटकर शुद्ध लाभ मात्र 1,02,125 रुपये बचता था। परिवार का भरण-पोषण कठिन था। तभी उन्हें उद्यानिकी विभाग से MIDH योजना की जानकारी मिली।

8.87 लाख के अनुदान से बना शेडनेट हाउस- जिला उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में दशरथ ने 8.87 लाख रुपये के अनुदान से अपने खेत में 2500 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने उन्हें संरक्षित खेती की वैज्ञानिक विधि, ड्रिप सिंचाई, उन्नत बीज व कीट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उन्होंने खीरा-ककड़ी की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की।

चार गुना बढ़ी आय, बदली जीवन की तस्वीर- परिणाम चौंकाने वाले रहे। शेडनेट हाउस में जलवायु नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़े। एक सीजन में 450 क्विंटल खीरा-ककड़ी का उत्पादन हुआ। 2 लाख रुपये की लागत के बाद भी कुल आय 6,75,000 रुपये हुई। इस प्रकार शुद्ध लाभ 4,75,000 रुपये प्राप्त हुआ, जो गेहूं की खेती से होने वाली आय का लगभग पांच गुना है।

किसान की जुबानी- दशरथ कहते हैं कि शासन की MIDH योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई। पहले बाजार में भाव कम मिलने व मौसम की मार से नुकसान होता था। अब शेडनेट में सालभर खेती कर सकते हैं। फसल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिससे भाव भी अच्छे मिलते हैं। अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मैं कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चंद्रा व उद्यानिकी विभाग का आभारी हूं।"

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा - वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री विजेश वसुनिया ने बताया कि संरक्षित खेती कम पानी, कम भूमि में अधिक उत्पादन का सिद्धांत है। यह योजना छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। दशरथ पाटीदार की सफलता देखकर केलूखेड़ा व आसपास के गांवों के कई किसान अब संरक्षित खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। MIDH योजना वास्तव में "लागत कम-आमदनी ज्यादा" के मूलमंत्र को साकार कर रही है और जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला फुटबॉल टीम को दी बधाई

एसएएफएफ वुमेन चैपिंयनशिप-2026 में भारत ने बांग्लादेश को दी शिकस्त

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम को साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन चैम्पियनशिप-2026 जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शानदार विजय भारत की बेटियों के साहस, प्रतिभा और टीम भावना का प्रतीक है। भारतीय टीम की यह सफलता खेल जगत में प्रेरणा का नया अध्याय लिखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। पूरी टीम हार्दिक बधाई की पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

उल्लेखनीय है कि गोवा राज्य के मडगांव में 25 मई से 6 जून की अवधि में हुई इस चैम्पियनशिप में भारत की सफलता पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए भारतीय महिला खिलाड़ियों को बधाई दी है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने 18 गोल करने की उपलब्धि भी हासिल की है। अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की चहुँओर प्रशंसा हो रही है।

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जनकल्याण शिविर के माध्यम से मिलेगा योजनाओं का लाभ, समस्याओं का होगा निराकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर लगेंगे शिविर

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकासखण्ड एवं नगरीय निकाय मुख्यालयों पर 03 दिवसीय ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित किये जायेंगे। इन शिविरों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। जिले में संचालित केन्द्र एवं राज्य शासन की प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं (सेचुरेशन एवं लक्ष्य आधारित) के पात्र किन्तु वंचित हितग्राहियों की पहचान विभागीय मैदानी अमले के सहयोग से कर उनका पंजीयन, स्वीकृति एवं लाभ वितरण की कार्यवाही प्राथमिकता से की जायेगी। साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों (आईएचएचएल) के लिये भी हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त कर उनका पंजीयन एवं निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त, नगर पालिक निगम और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। निर्देशों में कहा गया है कि शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाए कि यथासंभव कलेक्टर/अपर कलेक्टर/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिले के समस्त विभागों के जिला अधिकारियों के साथ प्रत्येक शिविर में उपस्थित रहें और विभागीय योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

अभियान के दौरान चिन्हांकित योजनाओं में प्राप्त आवेदनों को दर्ज करने एवं निराकरण संबंधी कार्यवाही सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल (http://cmhelpline.mp.gov.in) के माध्यम से की जायेगी। पोर्टल में एक पृथक मॉड्यूल तैयार कर अधिकारियों को लॉगइन उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अभियान की सम्पूर्ण कार्ययोजना जैसे शिविरों की तिथियां, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाकर सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। सी.एम. हेल्पलाइन, लोकसेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों और अन्य जनशिकायतों के निराकरण हेतु शिविर अवधि में विशेष अभियान चलाया जाये। यथासंभव समस्त लंबित आवेदनों के निराकरण का प्रयास किया जाए। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदाय की जाने वाली सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी हेतु विभागीय स्टॉल स्थापित किये जायें और पात्र हितग्राहियों को आवेदन, पंजीयन एवं सेवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाये। इन शिविरों में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विकास एवं प्रगति की प्रदर्शनी आयोजित की जाये। इसमें प्रबुद्ध जनों/आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। शिविरों में लाभ वितरण, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतिकरण तथा योजनाओं के संबंध में जनजागरुकता गतिविधियाँ भी आयोजित की जायें। शिविर स्थल पर पर्याप्त छाया, पेयजल, स्वच्छता आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो।

शिविर में प्राप्त होने वाले ऐसे आवेदन जिनका निराकरण तत्काल संभव न हो, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदक को सूचित किया जाये और प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाये। जिला कलेक्टर शिविरों के आयोजन, विभागीय समन्वय, प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण और पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरण के लिए उत्तरदायी होंगे। शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न संचार माध्यमों से किया जाये, जिससे अधिकतम नागरिक लाभान्वित हो सकें। शिविर आयोजन के लिये जिले के प्रभारी मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाये और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये।

जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकता अनुसार जनहित में समुचित निर्णय लें और अपने स्तर पर ऐसे नवाचार एवं पहल भी करें, जिससे अभियान के लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने में सहायता मिले। नागरिकों को उन समस्त योजनाओं का लाभ मिले, जिनकी वे पात्रता रखते हों। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक जानकारी प्राप्त करने एवं समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी की नियुक्त किये गये हैं।

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जल संरक्षण पर मध्यप्रदेश की पहल को मिली अंतर्राष्ट्रीय सराहना, विदेशी राजनयिकों ने मध्यप्रदेश मॉडल को सराहा

सदानीरा समागम में 6 देशों के राजनयिकों ने अपने देशों में इसे लागू करने की जताई इच्छा

जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन-आंदोलन

भोपाल : जल ही जीवन है और इस जीवनदायी संपदा को सहेजने की दिशा में मध्यप्रदेश अब समूचे विश्व के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल पर प्रदेश में शुरू किया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अब केवल एक सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। नदियों, तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन की इस भागीरथी कोशिश को अब अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भी अभूतपूर्व सराहना मिल रही है। भोपाल के ऐतिहासिक भारत भवन में आयोजित 'सदानीरा समागम' ने जल संरक्षण को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस भव्य आयोजन में साइप्रस, फिजी, मेक्सिको, नेपाल, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और इक्वाडोर के राजनयिकों ने न केवल सहभागिता की, बल्कि जल प्रबंधन के इस 'मध्यप्रदेश मॉडल' को आज की सबसे बड़ी वैश्विक जरूरत बताते हुए इसे अपने देशों में भी लागू करने की प्रबल इच्छा जताई है। जल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते प्रदेश के ये कदम वैश्विक पटल पर एक नया इतिहास रच रहे हैं।

साइप्रस और फिजी ने सराहा 'मध्यप्रदेश मॉडल'

इस सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में साइप्रस के उच्चायुक्त श्री इवागोरस वराईओनाइडेस ने कहा कि जल संकट एक गंभीर वैश्विक चुनौती है और इसके समाधान के लिए जन-जागरूकता बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने वीर भारत न्यास के साथ संवाद को सार्थक बताते हुए जानकारी दी कि साइप्रस का सांस्कृतिक दल 20-21 जून 2026 को भोपाल में अपनी प्रस्तुतियां देगा। वहीं, फिजी गणराज्य के उच्चायुक्त श्री जगन्नाथ सामी ने जलवायु परिवर्तन को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि भारत और फिजी के संबंध 1948 से अत्यंत प्रगाढ़ हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस दूरदर्शी पहल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की भौगोलिक दूरी भले ही हो, किंतु पर्यावरण और मानव जीवन की रक्षा जैसे हमारे सरोकार पूरी तरह समान हैं।

मेक्सिको और नेपाल ने जल संरक्षण को बताया साझा जिम्मेदारी

मेक्सिको दूतावास की संस्कृति प्रमुख सुश्री वनेसा एड्रियन ने जल संरक्षण को एक साझा वैश्विक समस्या बताते हुए कहा कि जल और नदियों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना अत्यंत सराहनीय कदम है। उन्होंने भारत और मेक्सिको को प्राचीन सभ्यताओं का उत्तराधिकारी बताते हुए आपसी सहयोग से साझा समाधान विकसित करने पर बल दिया। इसी तरह, नेपाल दूतावास के प्रथम सचिव श्री दीपक पोरखिरे ने कहा कि यह आयोजन प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का बोध कराता है। उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम के भ्रमण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक परंपराओं, जीवन मूल्यों और सामाजिक संवेदनाओं में इतनी गहरी समानता है कि भारत आकर उन्हें अपने ही गांव जैसा आत्मीय अनुभव हुआ।

त्रिनिदाद एवं टोबैगो और इक्वाडोर अपनाएंगे यह अभिनव पहल

त्रिनिदाद एवं टोबैगो के उच्चायुक्त महामहिम श्री चंद्रदत्त सिंह ने इस आयोजन को पर्यावरणीय सरोकारों को सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का उत्कृष्ट प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल वैश्विक स्तर पर एक साझा जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देती है। वहीं, इक्वाडोर के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन श्री जॉर्ज विनिशियो अनरंगो ने मध्यप्रदेश शासन और वीर भारत न्यास के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने यह ऐतिहासिक घोषणा की कि मध्यप्रदेश की इस प्रेरणादायी पहल से सीख लेते हुए वे भी शीघ्र ही इक्वाडोर में जल संरक्षण को समर्पित ‘सदानीरा संगम’ का आयोजन करेंगे।

जल आत्मनिर्भरता का नया इतिहास लिख रहा मध्यप्रदेश

एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और कैरेबियन देशों से आए राजनयिकों ने न केवल इस समागम में हिस्सा लिया, बल्कि जनभागीदारी आधारित 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के नवाचारों को गहन रुचि से समझा। मध्यप्रदेश सरकार जल आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच रही है। प्रदेश में अब तक 2 लाख 12 हजार से अधिक जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य 3 लाख 66 हजार तक पहुँचने का है। इस अभियान को जिस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना और स्वीकार्यता मिल रही है, वह प्रदेश के लिए किसी वैश्विक सम्मान से कम नहीं है। सीमाओं से परे जाकर यह 'मध्यप्रदेश मॉडल' अब समूचे विश्व समुदाय के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन रहा है।

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श्रमदानियों के अथक प्रयास से शिवना तट पर लौटी स्वच्छता और सुंदरता, रविवार को शिवना शुद्धिकरण अभियान में नदी से 1 ट्राली कचरा निकाला गया

मंदसौर।  लोकप्रिय विधायक श्री विपिन जैन के नेतृत्व मे चल रहे शिवना शुद्धिकरण अभियान के 128वें दिन रविवार को श्रमदानियों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया । कुछ दिन पहले मंदसौर नगर में बारिश होने से नालो के ओवर फ्लो होने से सारा प्लास्टिक कचरा नदी में मिल किनारो पर जमा हो गया था । प्रति रविवार को चलने वाले शिवना शुद्धिकरण अभियान में श्रमदानियो ने श्रमदान कर प्लास्टिक कचरे, गंदगी एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला गया ।

 शिवना शुद्धिकरण अभियान के मीडिया प्रभारी श्री राजनारायण लाड़ ने बताया कि अभियान के तहत श्रमदानियों ने नदी में उतर कर नदी से गाद,गंदगी को बाहर निकाला गया वही नदी के विभिन्न हिस्सों में श्रमदानियों ने पहुंच कर सफाई कार्य किया और बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरे को एकत्रित कर उचित स्थान पर पहुंचाया गया ।  श्री लाड़ ने सभी मंदसौर वासियों से आहवान किया कि शिवना शुद्धिकरण अभियान में प्रति रविवार प्रातः 7:00 से 9:00 बजे के बीच श्रमदान करने जरूर पधारे ।

आज शिवना शुद्धिकरण अभियान के 128वे दिन रविवार को श्रमदान करने वालों में समाज सेवियों में सर्वश्री हेमराज खाबिया,रमेश सोनी सेजपुरिया गांव से सुरेश मालवीय,दलौदा सगरा गांव से गणेशराम मालवीय,ईश्वरलाल मालवीय,रामप्रसाद मालवीय,,अमलावद गांव से रमेश धनगर,कैलाश कुमावत,महिला नेत्रीयों में श्रीमती रफत पयामी,सोनाली जैन,इष्टा भाचावत, सुनीता बंडी,राखी सत्रावाला,कौशल्या त्रिवेदी, सुनीता माली, कांग्रेसजन मे सर्वश्री राजनारायण लाड़,विकास दशोरा,शैलेन्द्र गोस्वामी,संजय नाहर,अजय सोनी, महेश गुप्ता,अंसार मेव,आसिफ अंसारी,रमेश धनगर,आमीन खान,जयेश पालीवाल,अशोक राव,दुर्गेश चंदेल,नितनेश बसेर,ऋषिराज लाड़,कनिष्क सोनी,आदि श्रमदान में उपस्थित रहे ।

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यूट्यूबर के घर 8 लाख की चोरी: नकदी, सोने-चांदी के जेवर और रेडबुल के कार्टन तक ले उड़े बदमाश

शिवपुरी। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के मोहनी ख्यावदा गांव में एक चर्चित महिला यूट्यूबर के घर अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए करीब 8 लाख रुपये मूल्य की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूट्यूबर रचना गुर्जर अपने परिवार के साथ घर की ऊपरी मंजिल पर सो रही थीं। इसी दौरान देर रात चार अज्ञात बदमाश घर के पीछे से पहुंचे। बदमाशों ने पहले घर की बाउंड्री पर लगी तार फेंसिंग काटी और फिर परिवार को बाहर निकलने से रोकने के लिए मुख्य दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद कर दी।

इसके बाद चोर घर के अंदर घुसे और नीचे बने कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़ दिया। अलमारी में रखे करीब 1 लाख 91 हजार रुपये नकद, सोने की अंगूठियां, मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, बदमाश घर में रखी रेडबुल सॉफ्ट ड्रिंक की तीन पेटियां, जिनमें 72 कैन थे, उन्हें भी अपने साथ ले गए।

परिजनों के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है।

बताया जा रहा है कि रचना गुर्जर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने आलीशान घर, महंगे सजावटी सामान, सोने-चांदी के आभूषण और लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो एवं रील्स साझा करती रहती हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर घर की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया हो। हालांकि पुलिस इस एंगल सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना का पता तब चला जब रात करीब ढाई बजे परिवार को महसूस हुआ कि घर का दरवाजा बाहर से बंद है। परिवार ने तत्काल रिश्तेदारों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे 8 वर्षीय भतीजे ने बाउंड्री पार कर घर के अंदर प्रवेश किया और दरवाजे की कुंडी खोली, जिसके बाद परिवार बाहर निकल सका।
सूचना मिलते ही नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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बालोदा-चचोर घाट के स्टीम्बर का संचालन शर्तो के साथ फिर से शुरू हुआ,यात्री सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों की वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखते हुए

पूर्व मे गरोठ एसडीएम राहुल चौहान के निरीक्षण के बाद स्टीम्बर को बंद करने के निर्देश दिए थे

गरोठ / बालोदा घाट से संचालित 12 नग जलयानों का निरीक्षण जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (विद्युत/यांत्रिकी) गाँधी सागर बाँध दिलीप सागीत्रा द्वारा सुबह 8.15 AM से 11 AM तक किया गया, उक्त निरीक्षण के दौरान जलयान मालिक ड्राइवर सारंग सहित उपस्थित रहे एवं पूर्व में दिए गए दिशानिर्देश का पालन करते हुए समस्त जलयानों पर CCTV कैमरा,  GPS लगायें जाना पाया गया,  अधिकारी द्वारा जीवन रक्षक उपकरणों जेसे लाइफ जैकेट, रिंग, फर्स्ट ऐड बॉक्स, अग्निशमन यंत्रों ,रस्सी, रेत के बक्से,चप्पू,  एंकर आदि की जाँच की गयी | उक्त जाँच उपरांत जलयानों पर यात्री सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों की वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखते हुए जलयानों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही यह भी निर्देश दिए गए है कि जलयानों का संचालन मौसम को ध्यान में रखकर किया जाये अन्यथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में जलयान मालिक स्वयं जिम्मेदार होंगे और ड्राइवर सारंग के साथ उनके उपर भी विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी |

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विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला चिकित्सालय मंदसौर में वृक्षारोपण

मंदसौर। कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर निर्माण के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर उपसंचालक, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल एवं जिला प्रभारी डॉ. सौरभ पुरोहित ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं उनका संरक्षण आवश्यक है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान ने जिलेभर में वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया। वहीं सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत ने वृक्षों की उपयोगिता एवं पर्यावरण संतुलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें विकसित वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में उपसंचालक एवं जिला प्रभारी डॉ. सौरभ पुरोहित, सीएमएचओ डॉ. जी.एस. चौहान, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार नुकुम, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सोलंकी, आरएमओ डॉ. सौरभ मण्डवारिया, डॉ. अर्पित यति, मेट्रन श्रीमती सारम्मा जॉनसन, श्रीमती हेमलता पवार, श्रीमती अंजना कैथरीन पीटर, नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती आशा जाट, श्री चंद्रप्रकाश बैरागी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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आज का राशिफ़ल व पंचांग, 7 जून 2026, रविवार

🌞 आज का पंचांग — 7 जून 2026, रविवार

🔹 तिथि: ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष सप्तमी (8 जून तड़के लगभग 3:24 बजे तक)

🔹 वार: रविवार

🔹 नक्षत्र: धनिष्ठा प्रातः 7:55 बजे तक, इसके बाद शतभिषा

🔹 योग: वैधृति योग प्रातः 10:02 बजे तक, इसके बाद विष्कंभ योग

🔹 चंद्र राशि: कुंभ राशि

☀️ सूर्योदय: 5:23 बजे प्रातः
🌇 सूर्यास्त: 7:17 बजे सायं

राहुकाल: सायं 5:33 बजे से 7:17 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: लगभग 12:11 बजे से 1:04 बजे तक

🕉️ विशेष: आज भानु सप्तमी का विशेष महत्व है। सूर्य देव की पूजा, अर्घ्यदान और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ शुभ माना गया है।

🔮 आज का राशिफल

♈ मेष

आत्मविश्वास बढ़ेगा। नए संपर्क और नेटवर्किंग से लाभ मिलने के संकेत हैं।

♉ वृषभ

करियर में कोई नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।

♊ मिथुन

बौद्धिक कार्यों और संवाद से लाभ होगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग हैं।

♋ कर्क

करियर में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।

♌ सिंह

साझेदारी और व्यापारिक संबंधों से लाभ मिलने के संकेत हैं। सम्मान बढ़ेगा।

♍ कन्या

कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं। महत्वपूर्ण योजनाओं पर आगे बढ़ सकते हैं।

♎ तुला

करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।

♏ वृश्चिक

प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिलेगी। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।

♐ धनु

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा या नए कार्य की योजना बन सकती है।

♑ मकर

धन और साझेदारी से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखें। सोच-समझकर निवेश करें।

♒ कुंभ

व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ेगा। नए लोगों से मुलाकात लाभदायक हो सकती है।

♓ मीन

प्रेम, रचनात्मकता और पारिवारिक जीवन में सकारात्मकता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

🌟 आज का शुभ मंत्र

"ॐ घृणि सूर्याय नमः"

🎨 शुभ रंग

केसरिया एवं सुनहरा

🙏 आपका दिन मंगलमय हो। सूर्य देव को जल अर्पित कर दिन की शुरुआत करना शुभ रहेगा।

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NEET-UG एवं अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार : दिग्विजय सिंह

भोपाल। शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEET-UG एवं NTA द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं में हुई पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों पर केंद्र सरकार से एक विस्तृत श्वेत पत्र  जारी करने की मांग की है।

सिंह ने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा निरस्त होने से लाखों विद्यार्थी मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। विद्यार्थियों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि पूर्व में हुए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जांच में क्या प्रगति हुई तथा दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई।

अपने पत्र में सिंह ने उल्लेख किया कि NEET-UG 2024 पेपर लीक प्रकरण तथा UGC-NET 2024 परीक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्यवाही को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अभाव में विद्यार्थियों के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति निर्मित हो रही है।

दिग्विजय सिंह ने मांग की है कि केंद्र सरकार पिछले आठ वर्षों में NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई सभी पेपर लीक और अनियमितताओं का विवरण सार्वजनिक करे। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में की गई जांच, गिरफ्तार आरोपियों, आरोप-पत्र अथवा क्लोजर रिपोर्ट की स्थिति, जांच की वर्तमान प्रगति तथा आरोपियों की कानूनी स्थिति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।

उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य और उनके मन में परीक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास दांव पर लगा हुआ है। ऐसे समय में पारदर्शिता और जवाबदेही ही युवाओं का विश्वास बहाल कर सकती है। श्वेत पत्र जारी करना छात्रों के बीच विश्वास निर्माण का महत्वपूर्ण कदम होगा।

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मंदसौर पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, चार अधिकारियों के तबादले

मंदसौर । जिले में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा ने चार पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 3622/2026 के अनुसार निम्न अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की गई है—

स्थानांतरण सूची

उप निरीक्षक रविन्द्र प्रताप डांगी को थाना शामगढ़ से स्थानांतरित कर थाना प्रभारी दलौदा बनाया गया।

उप निरीक्षक मूलचंद्र धाकड़ को थाना पिपलियामंडी से स्थानांतरित कर चौकी प्रभारी साताखेड़ी पदस्थ किया गया।

कार्यवाहक उप निरीक्षक भीमसिंह राठौर को चौकी प्रभारी पिपलियामंडी से स्थानांतरित कर चौकी प्रभारी कचनारा नियुक्त किया गया।

कार्यवाहक उप निरीक्षक ओमप्रकाश राठौर को चौकी प्रभारी साताखेड़ी से स्थानांतरित कर थाना शामगढ़ में पदस्थ किया गया।

पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि रतलाम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विवेक शर्मा रिपोर्ट, मंदसौर

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मंदसौर में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि, 6 जून 2017 के किसान आंदोलन को किया याद

मंदसौर । जिले में शनिवार को 6 जून 2017 के किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। किसान संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शहीद किसानों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बलिदान को याद किया।

इस अवसर पर आयोजित सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि 6 जून 2017 का दिन प्रदेश और देश के किसान आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दर्दनाक अध्याय के रूप में दर्ज है। मंदसौर जिले में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी में कई किसानों की जान चली गई थी, जिसके बाद यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने शहीदों के बलिदान को किसानों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं, कृषि लागत, फसलों के उचित मूल्य और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा के दौरान शहीद किसानों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया गया।

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ग्राम पंचायत कनघट्टी में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय, प्रवासी मजदूर खुले में शौच को मजबूर

मल्हारगढ़। ग्राम पंचायत कनघट्टी में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सार्वजनिक सुलभ शौचालय पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। शौचालय के उपयोग में नहीं होने के कारण ग्रामीणों एवं कृषि कार्य के लिए आने वाले प्रवासी मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच स्वर्गीय बसंतीलाल आर्य की पत्नी दाखीबाई के कार्यकाल में इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन बीते चार वर्षों से यह शौचालय बंद पड़ा है और रखरखाव के अभाव में धूल खा रहा है।

मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष अजय नागरिया ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम में वर्ष में दो बार लगभग 500 से 700 आदिवासी प्रवासी मजदूर कृषि कार्य के लिए आते हैं। सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण ये मजदूर बस स्टैंड, बालाजी मंदिर के पीछे, सड़क किनारे तथा गांव के विभिन्न स्थानों पर खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इससे गांव का वातावरण दूषित हो रहा है और स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अजय नागरिया ने कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने शौचालय का उपयोग नहीं होना ग्राम पंचायत की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से इसकी शिकायत कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मल्हारगढ़ जनपद के सेक्टर प्रभारी इंजीनियर महेश कुमावत द्वारा इस संबंध में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब शौचालय का निर्माण पूर्व सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत होकर पूर्ण हो चुका है, तो वर्तमान पंचायत इसे चालू करने में रुचि क्यों नहीं दिखा रही है।

नागरिया ने वर्तमान पंचायत पर भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली अपनाने का भी आरोप लगाया और कहा कि इससे ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले से जिला कलेक्टर को भी अवगत कराया जा चुका है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय को शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि गांव में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो सके और प्रवासी मजदूरों सहित आम नागरिकों को राहत मिल सके।

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मल्हारगढ़ में शनिवार सुबह 4 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बंद, नया 11 केवी फीडर जोड़ने का कार्य

मल्हारगढ़। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मल्हारगढ़ 33/11 केवी उपकेंद्र पर नए 11 केवी फीडर के निर्माण एवं तकनीकी कार्य के चलते शनिवार 6 जून 2026 को क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार उपकेंद्र पर प्रस्तावित कार्य के दौरान सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान मल्हारगढ़ नगर सहित उपकेंद्र से निकलने वाले सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी, जिससे क्षेत्र के घरेलू, व्यावसायिक एवं कृषि उपभोक्ताओं को अस्थायी रूप से बिजली नहीं मिलेगी।


विद्युत विभाग ने बताया कि नया 11 केवी फीडर स्थापित किए जाने से भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर एवं अधिक सुचारू विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में परिवर्तन संभव है तथा समय कम या अधिक हो सकता है।


विभाग ने आमजन, जनप्रतिनिधियों एवं उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

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मंदसौर किसान आंदोलन, 6 जून का ऐतिहासिक दिन, किसान आंदोलन की बरसी आज

मन्दसौर / 6 जून, मंदसौर के किसान आंदोलन की बरसी के रूप में याद किया जाता है। वर्ष 2017 में मंदसौर जिले में किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी। यह घटना मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसान आंदोलनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दुखद अध्याय मानी जाती है।

इस वर्ष 6 जून 2026 को भी किसान संगठनों द्वारा शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने मंदसौर में बही चौपाटी पर सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की थी।

2017 में क्या हुआ था?

  • किसानों ने फसलों के उचित दाम, कर्जमाफी और कृषि समस्याओं को लेकर आंदोलन शुरू किया था।
  • 6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई।
  • फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए।

आज भी क्यों याद किया जाता है?

मंदसौर किसान गोलीकांड को किसान अधिकारों और कृषि नीतियों से जुड़े संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष किसान संगठन शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी मांगों और किसान हितों के मुद्दों को उठाते हैं।


आज किसान आंदोलन की बरसी पर सभी शहीद किसानों को शत शत नमन

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