मंदसौर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के 54 आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने आउटसोर्स एजेंसी कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे कर्मचारियों के साथ मनमानी बताया है।
सिसोदिया ने जारी बयान में कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. गोविंद सिंह चौहान के निलंबन के बाद कंपनी द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी पत्र में सीतामऊ, मल्हारगढ़, मेलखेड़ा (गरोठ) एवं संधारा (भानपुरा) के खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 1 जुलाई 2026 से 54 आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भुगतान की समस्या थी तो कंपनी ने 1 जुलाई को ही पत्र क्यों जारी नहीं किया और 23 जुलाई को पूर्व प्रभाव से कर्मचारियों को हटाने का निर्देश क्यों दिया गया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कंपनी समय पर भुगतान न मिलने का हवाला देकर कर्मचारियों को हटाने के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विस पहले भी विवादों में रही है तथा देवास में ब्लैकलिस्ट होने की बात भी कही।
सिसोदिया ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बिना उचित प्रक्रिया और पूर्व सूचना के कार्यमुक्त करना उचित नहीं है।
फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग या संबंधित आउटसोर्स कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
