भवानी मंडी/जगदीश पोरवाल/ शादी समारोह अक्सर भव्य खर्च और दिखावे के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन यदि इसी अवसर को सेवा और परोपकार से जोड़ दिया जाए तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। भवानीमंडी के समाजसेवी जगन्नाथ गुप्ता के परिवार ने अपने पौत्र के विवाह समारोह में ऐसा ही उदाहरण पेश करते हुए अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान के भवन निर्माण के लिए 5 लाख 1 हजार रुपए का सहयोग प्रदान किया। इस पहल की शहरभर में सराहना हो रही है।
अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष गोविंद गुप्ता ने बताया कि जगन्नाथ गुप्ता के पौत्र गौरव गुप्ता के विवाह के अवसर पर परिवार के मुरलीमनोहर गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता और पुरुषोत्तम गुप्ता सहित परिजनों ने समाज के सामने सेवा की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करते हुए संस्थान के नए भवन निर्माण के लिए यह राशि भेंट की।
विवाह समारोह में उपस्थित गोविंद गुप्ता, छगनलाल जैन, बल्लभदास गुप्ता, कैलाश गुप्ता (कंपाउंडर), कमलेश गुप्ता (दलाल) और अमित गुप्ता ने यह सहयोग राशि ग्रहण की। समारोह में आए अतिथियों ने इस प्रेरणादायक पहल की सराहना करते हुए परिवार का अभिनंदन किया।
गौरव गुप्ता का विवाह बाबुल्दा निवासी अशोक गुप्ता की पुत्री आयुषी के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में आयोजित सामूहिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
51 वर्षों से भूखों को भोजन दे रहा अन्न क्षेत्र-
संस्थान के संरक्षक कालूलाल सालेचा और नंदकिशोर सोनी के अनुसार भवानीमंडी में वर्ष 1975 में साधुराम खत्री और सेठ मथुरालाल गुप्ता ने असहाय लोगों की भूख मिटाने के उद्देश्य से अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान की स्थापना की थी।
संस्था पिछले 51 वर्षों से प्रतिदिन गरीब और असहाय लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही है। जरूरतमंदों की बढ़ती संख्या के कारण वर्तमान भवन में जगह की कमी महसूस होने लगी है। इसी कारण जनसहयोग से पास के मकान को खरीदकर भवन का विस्तार किया जा रहा है।
भोजन के साथ वस्त्र और कंबल भी बांटती है संस्था-
संस्थान के अध्यक्ष गोविंद गुप्ता और सचिव बल्लभदास गुप्ता ने बताया कि संस्था द्वारा भोजन के साथ-साथ जरूरतमंदों को
• वस्त्र
• गर्म कपड़े और कंबल
• चरण पादुका
• जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस
भी वितरित की जाती है।
13 वर्षों से अस्पताल में भी चल रही भोजन सेवा-
अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान द्वारा पिछले 13 वर्षों से प्रतिदिन राजकीय चिकित्सालय में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में ही निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रेरक संदेश
“खुशी के अवसर पर सेवा का संकल्प ही सच्चा उत्सव है।”
गुप्ता परिवार की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
