भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर अब पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र थाना अधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में नगर के प्रमुख मार्गों पर पैदल मार्च निकालकर माइक से मुनादी करवाई गई।
घोषणा में स्पष्ट किया गया कि शादी-विवाह, निकासी एवं अन्य आयोजनों में डीजे निर्धारित मानक से कम आवाज में ही बजाए जाएं और रात्रि 10 बजे के बाद पूर्णतः बंद रखें। लाउडस्पीकर भी तेज आवाज में नहीं बजाए जाएं।

डीजे और साउंड सिस्टम तेज आवाज में बजाया तो जप्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी-

पुलिस ने चेतावनी दी है कि शादी-विवाह की निकासी एवं रिजॉर्ट में बजने वाले डीजे साउंड की आवाज कम रखी जाए। यदि साउंड की आवाज अधिक पाई गई तो संबंधित शादी आयोजक एवं रिजॉर्ट संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा साउंड सिस्टम और डीजे उपकरण जब्त किए जाएंगे।

कैलाश जैन एडवोकेट ने उठाया था मुद्दा-

एडवोकेट कैलाश जैन ने ध्वनि प्रदूषण को गंभीर स्वास्थ्य संकट बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक शोधों में अत्यधिक शोर को जानलेवा तक माना गया है। धार्मिक जुलूसों, आयोजनों और शादी-विवाह कार्यक्रमों में तेज आवाज में डीजे बजाने से आमजन, मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि डीजे से निकलने वाली तेज “धम-धम” की आवाज सीधे हृदय पर असर डालती है और घरों में रखे बर्तन तक खड़कने लगते हैं। लगातार इस प्रकार के शोर में रहने से व्यक्ति तनावग्रस्त हो जाता है। कानूनी रूप से निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि करना प्रतिबंधित है, लेकिन कई बार धार्मिक भावनाओं या व्यक्तिगत विरोध के आरोप के डर से आमजन खुलकर विरोध नहीं कर पाते।

पुलिस की साफ चेतावनी-

बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विशेष निगरानी
डीजे व लाउडस्पीकर निर्धारित सीमा में ही
रात 10 बजे के बाद पूर्ण प्रतिबंध
उल्लंघन पर साउंड सिस्टम जब्त
आयोजक व रिजॉर्ट संचालक पर केस दर्ज
पुलिस प्रशासन ने दो टूक कहा है कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संदेश साफ—त्योहार और खुशी मनाएं, लेकिन कानून की सीमा में।