मनासा। श्रीमान् आषुतोष यादव, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मनासा, जिला-नीमच द्वारा झगड़े के रूपयों के कारण अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने वाले दो आरोपीगण (1) अमरसिंह पिता रोड़ीलाल बंजारा,उम्र-34 वर्ष, निवासी ग्राम बुज, तहसील रामपुरा जिला नीमच एवं (2) कमलाशंकर पिता भेरूलाल भोई, उम्र-41 वर्ष, निवासी भोई मोहल्ला, आदर्श गली तहसील रामपुरा, जिला नीमच को धारा 365 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000रूपये अर्थदण्ड, धारा 342 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 323 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रूपये अर्थदण्ड धारा से दण्डित किया गया।

    अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रितेष कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 5 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 28.02.2021 की शाम के लगभग 04 बजे ग्राम तलाउ नदी के पास, महादेव मंदिर आमरोड़ थाना कुकड़ेश्वर की हैं। फरियादी अमरसिंह उसके साथी गोपाल बंजारा ने थाना कुकड़ेश्वर में रिपोर्ट लिखाई की वह तथा उसका दोस्त गोपाल एवं इंदरसिंह बंजारा तीनों मोटरसाईकिल से ग्राम गोपालपुरा जा रहे थे, कि रास्तें में वह महादेव मंदिर के पास वे गाड़ी खड़ी करके बातचीत कर रहे थे, तभी सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में आरोपीगण आये जिसमें इंदरसिंह का साला आरोपी अमरसिंह भी था वह सभी गाड़ी से उतरे व इंदरसिंह बंजारा को जबरजस्ती गाडी में बैठाकर उसका अपहरण करके ले गये। इंदरसिंह एवं उसके साले के बीच झगड़े के रूपयें को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा हैं। आरोपीगण इंदरसिंह का अपहरण कर इसी विवाद के कारण उसके साथ मारपीट भी की गई। फरियादी की रिपोर्ट पर से प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान इंदरसिंह को दस्तयाब किया गया तथा आरोपीगण को गिरफ्तार किया जाकर आवष्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान ही एक आरोपी सद्दा बंजारा की मृत्यु हो जाने से शेष आरोपीगण के विरूद्ध विचारण के उपरांत यह निर्णय पारित किया गया।

    विचारण के दौरान अभियोजन की और से ए.जी.पी. श्री गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित कराते हुवे उसकों कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी ए.जी.पी. श्री गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा की गई।