मन्दसौर। सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम सुरजनी में हुई भय्यूलाला उर्फ वाहिद की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। प्रारंभ में जहां मौत को लेकर मारपीट या दम घुटने की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब सामने आई पीएम रिपोर्ट में कान के पीछे गोली लगने से मृत्यु की पुष्टि होने के बाद मामला सीधे तौर पर हत्या में तब्दील हो गया है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द मन्दसौर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक विनोद मीणा से मुलाकात कर निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने मृतक के परिजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी, ताकि वे किसी भी प्रकार के दबाव या भय के बिना न्याय की प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। प्रारंभिक दावों पर उठे सवाल
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि भय्यूलाला के साथ मारपीट की गई और संभवतः दम घुटने से उसकी मौत हुई। कुछ चर्चाओं में यह भी सामने आया कि उसे पेटी में बंद किया गया था, जिससे दम घुटने की आशंका बनी। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस की ओर से भी दम घुटने की संभावना से इंकार नहीं किया गया था, हालांकि स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आने की बात कही गई थी। अब जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मृत्यु की पुष्टि हुई है, तो प्रारंभिक दावों और जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही गंभीरता से और वैज्ञानिक ढंग से जांच की जाती तो सच्चाई पहले सामने आ सकती थी।
 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार पीएम रिपोर्ट में मृतक के कान के पीछे गोली का प्रवेश घाव पाया गया है। गोली लगने से अंदरूनी रक्तस्राव हुआ, जो मृत्यु का मुख्य कारण बना। रिपोर्ट में मारपीट से गंभीर आंतरिक चोट या दम घुटने से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
गोली लगने की पुष्टि होते ही यह मामला संदिग्ध मौत से हत्या के स्पष्ट प्रकरण में परिवर्तित हो गया है। अब यह जांच का विषय है कि गोली किस हथियार से चलाई गई, किसने चलाई और घटना के समय परिस्थितियां क्या थीं।
*जांच की दिशा बदली, विशेष टीम के संकेत*
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। घटनास्थल का पुनः निरीक्षण, फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्यों का परीक्षण, संभावित हथियार की तलाश और संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यदि अवैध हथियार का उपयोग पाया जाता है तो आर्म्स एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने पर भी विचार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


किसान नेता ने रखी मांगें
किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ने एसपी से मुलाकात के दौरान कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि 
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच हो।
मृतक के परिजनों को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए
जांच की प्रगति से समय-समय पर जनता को अवगत कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में ढिलाई बरती गई तो जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

 परिजनों और समाज में आक्रोश
गोली लगने की पुष्टि के बाद मृतक के परिजनों और समाजजन में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि शुरुआत से ही घटना को संदिग्ध परिस्थितियों में दबाने का प्रयास किया गया। अब सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों को बचाने का कोई प्रयास न किया जाए।
घटना ने सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप ले लिया है। विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। प्रशासन पर पारदर्शी कार्रवाई कर जल्द से जल्द पूरे मामले का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।
 

क्षेत्र में सतर्कता
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरजनी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस सतर्क है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह साधारण मौत नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक घटना है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी है।