भवानीमंडी। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास हो तो हालात भी रास्ता नहीं रोक पाते। भैसोदामंडी निवासी 18 वर्षीय तनिष्क जैन, पुत्र पारस जैन, ने यह साबित कर दिखाया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले तनिष्क ने बिना किसी कोचिंग के JEE परीक्षा में 99.30 पर्सेंटाइल हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया।
तनिष्क की जिंदगी आसान नहीं रही। जब वह मात्र दो वर्ष का था, तभी उसकी माता का स्वर्गवास हो गया। पिता पारस जैन पेशे से टेलर हैं और दादा ठेला चलाकर मजदूरी करते हैं। सीमित आय और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने तनिष्क की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।


तनिष्क ने अपनी स्कूली शिक्षा राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार सीनियर उच्च माध्यमिक विद्यालय, भवानीमंडी से पूरी की। 12वीं कक्षा के बाद उसने IIT में प्रवेश के लिए स्वयं अध्ययन (सेल्फ स्टडी) का मार्ग चुना। गत वर्ष पहली बार परीक्षा दी, जिसमें उसे 96.23 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। हालांकि उसे सिविल शाखा और जम्मू का कॉलेज आवंटित हुआ, जो उसकी प्राथमिक पसंद नहीं थी। मनचाहा कॉलेज और विषय न मिलने से वह निराश जरूर हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
इस वर्ष तनिष्क ने दुगने उत्साह के साथ दोबारा तैयारी की। सोमवार को घोषित JEE परिणाम में उसने 99.30 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। परिणाम आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

अब तनिष्क की नजर JEE एडवांस परीक्षा पर है। उसका सपना आईआईटी में कंप्यूटर साइंस शाखा में प्रवेश लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है।
तनिष्क की सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो। पूरे क्षेत्र में तनिष्क की उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल है।