भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने आगामी 16 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले तीन प्रमुख मंत्रियों को उनके पदों से बर्खास्त करने की मांग की है।
प्रमुख आरोप और मांगें
पटवारी ने पत्र में सरकार पर "अराजकता और अहंकार" को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए तीन मंत्रियों का विशेष उल्लेख किया है:
- विजय शाह: देश की बेटी और भारतीय सेना के अपमान के गंभीर आरोप।
- राजेंद्र शुक्ल (स्वास्थ्य मंत्री): छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से मासूम बच्चों की मौत का मामला।
- कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय प्रशासन मंत्री): अपने क्षेत्र की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफलता।
"सरकार की नैतिकता और संवेदनशीलता पर सवाल"
जीतू पटवारी ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सेना के अपमान और मासूमों की मौत जैसे गंभीर मामलों के बावजूद ये मंत्री अभी भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पहले इन मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए, ताकि जनभावनाओं का सम्मान हो सके।
आर्थिक संकट पर घेरा
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य गंभीर आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, जबकि सरकार आंकड़ों का आडंबर पेश करने की तैयारी में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो यह माना जाएगा कि सरकार झूठ और अनैतिकता का मौन समर्थन कर रही है।
