झालावाड़,/जगदीश पोरवाल। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दीया कुमारी ने वर्ष 2026-27 के बजट में झालावाड़ जिले के लिए आधारभूत ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य, विद्युत, पर्यटन और कृषि भंडारण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। बजट में जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
सबसे बड़ी घोषणा 1,622 करोड़ रुपये की लागत से छोटी कालीसिंध व चाचूर्णी नदी पर मध्यम सिंचाई परियोजना की है, जिससे चौमहला-गंगधार क्षेत्र के करीब 32 गांवों की 9,727 हेक्टेयर भूमि को फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा चंवली बांध की नहरों की मरम्मत, सूरजकुंड एनिकट के जीर्णोद्धार तथा पिडावा क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन टैंकों की डीपीआर तैयार की जाएगी।
आवागमन सुधार के लिए 39 करोड़ रुपये से परवन नदी पर उच्च स्तरीय पुल तथा कोटा-नागदा रेलखंड पर भवानीमंडी व चौमहला में करीब 89 करोड़ रुपये की लागत से दो रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इससे जाम और दुर्घटनाओं की समस्या में कमी आएगी।
विद्युत सुदृढ़ीकरण के तहत जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं में मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के एसआरजी चिकित्सालय में एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई जाएगी तथा 15 करोड़ रुपये से बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण होगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़ पैलेस सहित धार्मिक स्थलों के संरक्षण व विकास पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने हेतु मनोहरथाना क्षेत्र में नई पुलिस चौकी तथा कारागृहों में आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
कृषि क्षेत्र में सहकारी समितियों के गोदाम निर्माण व पुनर्निर्माण के लिए कुल 45 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण हाट, झालरापाटन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इन घोषणाओं से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने, किसानों को राहत, रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
◼️ भवानीमंडी में बनेगा 47.34 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज
भवानीमंडी । कोटा–नागदा रेलखंड पर भवानीमंडी स्थित एलसी-64एक्स फाटक पर 47 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा। लंबे समय से इस रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम और बार-बार गेट बंद रहने से आमजन, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
आरओबी बनने से शहर के दोनों हिस्सों के बीच आवागमन सुगम होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका में कमी आएगी। यह परियोजना भवानीमंडी की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति देगी।
