महर्षि वाल्मीकि व कालेश्वर बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन, कलश यात्रा व मातृशक्ति की सहभागिता बनी विशेष आकर्षण

भवानीमंडी/,जगदीश पोरवाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला के अंतर्गत भवानी मंडी नगर की महर्षि वाल्मीकि बस्ती एवं कालेश्वर बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। दोनों ही स्थानों पर आयोजित सम्मेलनों में धर्म जागरण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को केंद्र में रखते हुए ओजस्वी विचार रखे गए।
महर्षि वाल्मीकि बस्ती में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय संत गोपाल कृष्ण महाराज (उज्जैन) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय सहमंत्री युधिष्ठिर सिंह हाड़ा रहे, जबकि पंडित कालूराम व्यास (चौमहला) विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि मीणा ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम संरक्षक सूरजमल मीणा, कैलाश श्रंगी एवं अमीरचंद तँवर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधनों में कहा कि हिंदू समाज की एकता, संस्कार और संस्कृति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से नशा, भटकाव और सामाजिक विघटन से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।


इसी क्रम में कालेश्वर बस्ती में आयोजित हिंदू सम्मेलन में कैलाश दास महाराज (डग) मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राधेश्याम सालोदिया थे। इस सम्मेलन में श्रीमती कृष्णा गुप्ता, राजेश खंडेलवाल, राजेश शर्मा, बालूसिंह चौहान, जगदीश गुप्ता, विनोद जैन (चंकी), कैलाश गुप्ता एवं जगदीश व्यास सहित अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दोनों सम्मेलनों से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने पारंपरिक वेशभूषा में सहभागिता करते हुए धार्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का संदेश दिया।
सम्मेलनों के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए धर्म जागरण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रमों के समापन पर सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता का परिचय दिया।