चीनी बाजार में भारी मुनाफा वसूली, अमेरिका शटडाउन और फेड विवाद से बढ़ी अस्थिरता


मन्दसौर- MCX कमोडिटी बाजार में चाँदी ने कल रात 4,20,000 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्चतम स्तर छूने के बाद महज 24 घंटे के भीतर करीब 90,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की। तेज बिकवाली के दबाव में भाव फिसलकर 3,30,000 रुपये के आसपास आ गए। इस अचानक आई गिरावट से वायदा और हाजिर, दोनों बाजारों में उथल-पुथल मच गई और कारोबार असमंजस की स्थिति में फंस गया।


चीनी बाजार में भारी मुनाफा वसूली
बाजार सूत्रों के अनुसार चीन में आने वाले बड़े उत्सव से पहले वहां के निवेशकों और फंड हाउसों ने चाँदी और अन्य धातुओं में भारी मुनाफा वसूली की। एशियाई सत्र में बिकवाली का दबाव बढ़ते ही अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमजोरी आई, जिसका सीधा असर भारतीय MCX पर पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी बाजार से आई यह बिकवाली गिरावट की प्रमुख वजह बनी।

अमेरिका फैक्टर: शटडाउन और फेड विवाद
अमेरिका में आंशिक सरकारी शटडाउन की आशंका और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा फेड चेयरमैन को बदलने की धमकी ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के कारण कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया।
कल तक शहरी बाजारों में खरीद की होड़
देश के बड़े शहरों के सर्राफा बाजारों में कल तक चाँदी खरीदने की होड़ मची हुई थी। तेजी के माहौल में कई जगह  थोक व्यापारियों ने  आज कारोबार बंद कर भाव देना रोक दिया था

हाजिर बाजार में बढ़ी घबराहट
MCX में तेज गिरावट के बाद हाजिर बाजार में भी बेचवाली का दबाव बढ़ गया। छोटे निवेशकों ने नुकसान के डर से माल निकालना शुरू कर दिया, वहीं व्यापारियों ने भी नए सौदों में सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। इससे बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
 

इस सप्ताह और माह के अंत तक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह और इस माह का कारोबार अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, खबर लिखे जाने तक कुछ सुधार के साथ चाँदी वापस 354000₹ पर कारोबार कर रही है ऐसे में  रात्रि 12 बजे क्लोजिंग तक भाव में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय संकेत, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
 

फंडामेंटल अब भी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक करेक्शन के बावजूद चाँदी के लॉन्ग टर्म फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। सोलर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती औद्योगिक मांग आने वाले समय में कीमतों को समर्थन दे सकती है।


निष्कर्ष: 24 घंटे में आई करीब 90 हजार रुपये की गिरावट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव की रफ्तार बेहद तेज होती है। वैश्विक घटनाक्रमों का असर अब सीधे घरेलू बाजारों पर नजर आ रहा है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट लेखक द्वारा किसी भी प्रकार की निवेश सलाह देने के उद्देश्य से नहीं लिखी गई है। इसमें केवल बाजार के मौजूदा हालात और रुझानों की जानकारी दी गई है। निवेश से पहले पाठक स्वयं विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।