मल्हारगढ/ आज बसंत पंचमी के पावन पर्व पर चारों ओर उल्लास है, लेकिन मल्हारगढ़ स्थित 'श्री श्याम की हवेली' में नज़ारा कुछ खास ही रहा। यहाँ बाबा श्याम का न केवल भव्य बसंती श्रृंगार किया गया, बल्कि भक्तों के बीच उस अनमोल 'बसंती बागे' का वितरण भी हुआ, जो साल भर बाबा के विग्रह से लिपटा रहता है।"

​बसंत पंचमी के अवसर पर श्याम मंदिर को पीले फूलों और बसंती आभा से सजाया गया। इस दिन का मुख्य आकर्षण रहा बाबा श्याम का 'बसंती बागा'। मंदिर के प्रधान पुजारी आशीष जी शर्मा ने इस वस्त्र की महिमा बताते हुए कहा कि यह वस्त्र केवल कपड़ा नहीं, बल्कि बाबा का आशीर्वाद है, जिसे प्राप्त करने के लिए भक्त लालायित रहते हैं।"

"मान्यता है कि जो सौभाग्यशाली भक्त इस बसंती वस्त्र को प्राप्त करता है, उसके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।"

"आस्था का एक अनूठा उदाहरण भी यहाँ देखने को मिला। कहते हैं बाबा के दर से कोई खाली हाथ नहीं जाता। गुर्जर परिवार की एक महिला की अर्जी बाबा ने स्वीकार की, तो वे अपनी मन्नत पूरी होने पर लोटन यात्रा करते हुए मंदिर पहुंचीं। कड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई इस यात्रा ने मंदिर परिसर में मौजूद हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया।"

​"भजन, कीर्तन और जयकारों के साथ मल्हारगढ़ की 'श्याम हवेली' में बसंत का स्वागत बड़े ही धूमधाम से हुआ। बाबा के दरबार में उमड़ा यह जनसैलाब बताता है कि आस्था में ही असली शक्ति है।