मल्हारगढ़। स्थानीय जागृति हाई स्कूल में विद्या की देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य उत्सव (बसंत पंचमी) श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं वंदना के साथ किया गया।

ज्ञान और चेतना का पर्व: मुकेश साहू
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक मुकेश साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस पर्व की पौराणिक महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि "सृष्टि की रचना के समय जब संसार मौन और शांत था, तब ब्रह्मा जी ने भगवान विष्णु के आशीर्वाद से अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे ज्ञान की देवी माँ सरस्वती प्रकट हुईं। माँ के प्रकट होते ही वीणा की मधुर ध्वनि से संसार में वाणी, ज्ञान और चेतना का संचार हुआ।"

ऋतुराज बसंत का आगमन
शिक्षण स्टाफ ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि आज ही के दिन से प्रकृति में ऋतु परिवर्तन होता है और ऋतुराज बसंत का आगमन होता है, जो जीवन में नई उमंग और हरियाली का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
