जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में 17 जनवरी को आलोट में पैदल मार्च, एक करोड़ मुआवजा व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
आलोट। दुर्गाशंकर पहाड़िया । विद्युत मंडल की लापरवाह कार्यप्रणाली ने एक होनहार बेटी का भविष्य छीन लिया। विद्युत हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई वंदना पाटीदार का जीवन स्थायी रूप से प्रभावित हो गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और अब जनता ने विभागीय मनमानी के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।
सर्व समाज आलोट विधानसभा क्षेत्र के आह्वान पर जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में 17 जनवरी 2026, शनिवार को प्रातः 11 बजे आलोट कारगिल चौराहा से पैदल मार्च निकाला जाएगा। मार्च के माध्यम से प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि अब लापरवाही और चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि पीड़ित बेटी वंदना पाटीदार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और घटना के लिए जिम्मेदार विद्युत अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। वर्षों पुराने तार, झूलते केबल, अस्थायी डीपी ट्रांसफर और शिकायतों पर टालमटोल आम हो चुका है। आए दिन हो रहे हादसे इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग समय रहते सुधार के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहा है।
किसानों को रात के अंधेरे में एक बजे सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे जान का खतरा लगातार बना हुआ है। उपभोक्ताओं से वास्तविक खपत से अधिक बिल वसूलने के आरोपों ने विभाग की नीयत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्व समाज की मांग है कि कृषि बिजली रात्रि के बजाय दिन में कम से कम 10 घंटे दी जाए और जर्जर विद्युत ढांचे को तुरंत बदला जाए।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पैदल मार्च के बाद भी प्रशासन और विद्युत विभाग ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और अनिश्चितकालीन अनशन की राह अपनाई जाएगी।
बढ़ते जनाक्रोश के बीच अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर एक और बेटी की जिंदगी यूं ही विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ा दी जाएगी।
