भवानीमंडी । ( जगदीश पोरवाल )दान के पर्व मकर संक्रांति पर परिजनो ने मृतक का नेत्र-दान करवाकर पुण्य का काम किया, स्वर्गीय प्रेमलता जी के नेत्रदान के साथ ही यह भवानीमंडी से 152 वां नेत्रदान  सम्पन्न हुआ ।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति-मित्र एवं जैन सोशल ग्रुप के नेत्रदान प्रभारी नरेन्द्र जैन ने बताया की भैंरु चैराहा, निवासी शिवनारायण परमार ( सेवानिवृत प्रधानाचार्य ) की धर्मपत्नी श्रीमति प्रेमलता परमार का बुधवार को आकस्मिक निधन हुआ,   जैन ने बताया की सूचना मिलने ही मृतक प्रेमलता जी के पति शिवनारायण परमार व पुत्र नरेंद्र और महावीर परमार को नेत्रदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ।

परिवार संग मकर सक्रांति पर्व मना रहे डॉक्टर गौड़ नेत्रदान के लिए कोटा से भवानीमंडी आये :-

ज्योति मित्र नरेंद्र जैन ने बताया परिजनों की सहमति के बाद तत्काल संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ को सूचना दी, सूचना के वक्त डॉक्टर कुलवंत गौड़ परिवार संग मकर संक्रांति का पर्व मना रहे थे । जैसे ही नेत्रदान की सूचना मिली, वे बिना किसी विलंब के सेवा के संकल्प के साथ भवानीमंडी के लिए रवाना हो गए।

परिवार जनो ने नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया को देखा :-

देर रात डॉ गौड़ ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों के बीच नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया । पूरे परिवार की महिलाओ ने नेत्रदान प्रक्रिया को ध्यान से देखा डॉ  गौड़ ने कहा कि,परिजनों ने गमगीन माहौल में दिवंगत माताजी के नेत्रदान का निर्णय लेकर बढ़ा ही साहसिक कार्य किया है,वास्तव में इस प्रकार के कार्य समाज के लिए हमेशा-हमेशा के लिए उदाहरण बन जाते हैं। 
परमार परिवार ने कुछ समय के लिए दुःख को परे रख, नेत्रदान करवाकर यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा पर्व वही है, जिसमें किसी अंधेरी ज़िंदगी को रोशनी मिले। 
संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रेषित जानकारी के आधार पर भवानीमंडी से यह 152 वां नेत्रदान पर झालावाड़ जिले से 192 वां नेत्रदान सम्पन हुआ है।