आलोट/दुर्गाशंकर पहाडिया /मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्री महावीर विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक/गैर-सांस्कृतिक गतिविधियों के पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  नागेश्वर खरोल एवं पार्षद श्रीमती मधुबाला जी खरोल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विद्यालय में वर्ष भर आयोजित विभिन्न एकल खेल प्रतियोगिताओं—1600, 800, 400 व 200 मीटर दौड़, शतरंज, शॉटपुट, जैवलिन थ्रो, लॉन्ग जंप—तथा टीम खेलों—कबड्डी, वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर, डॉजबॉल एवं फुटबॉल—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पदक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त रंगोली, गीता पाठ, हिंदी निबंध लेखन सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

हाउस-वाइज आयोजित प्रतियोगिताओं में टैगोर हाउस (रेड) ने विजेता तथा विवेकानंद हाउस (येलो) ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को अतिथियों एवं प्राचार्य महोदय द्वारा ट्रॉफी प्रदान की गई।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से सुषमा तरानेकर, नवीन खेतरा,सुनील भाटिया, श्रीमती शिखा शर्मा, श्रीमती नीतू रघुवंशी,  नीरज जैन , प्रीति जैन , सोनिया दुबे , संगीता तिवारी , नीलम तल्लेरा , पंकज शर्मा संजय शर्मा  प्रेम नारायण गायरी  ,योगेंद्र मीणा , समीना  हैदरी , डॉली कदम , राहुल सोनी रुबीना खातून सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शिखा शर्मा एवं नीरज जैन ने कुशलतापूर्वक किया। वहीं मकर संक्रांति पर्व के महत्व पर श्रीमती शिवांगी बेडवेलकर ने अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य  मनोज शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सभी पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी । उन्होंने कहा कि खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता एवं अपनी सभ्यता संस्कृति को समझने का अवसर मिलता  हैं। साथ ही उन्होंने मकर संक्रांति पर्व को नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच एवं सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उनके प्रेरणादायक उद्बोधन के साथ कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।