आलोट/ दुर्गाशंकर पहाड़िया । शिवधाम कॉलोनी में सोमवार देर रात हुए खौफनाक धमाके के बाद मंगलवार सुबह जनआक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। रात की घटना से आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने सुबह शिवधाम कॉलोनी के मुख्य गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वर्षों से लंबित समस्याओं पर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की।
सोमवार रात करीब 10 बजे शिवधाम कॉलोनी के एक मकान में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। धमाके की आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा और दहशत का माहौल बन गया। इस हादसे में दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए आलोट के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। झुलसे युवक रतन गुर्जर और देवीलाल गुर्जर बताए जा रहे हैं, जो आलोट में पानीपुरी का ठेला लगाकर जीवन यापन करते हैं।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह हादसा अचानक नहीं, बल्कि नगर परिषद की वर्षों पुरानी लापरवाही का सीधा परिणाम है। रहवासियों के अनुसार शिवधाम कॉलोनी की ड्रेनेज पाइपलाइन पिछले करीब आठ वर्षों से जाम पड़ी है। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन न तो पाइपलाइन बदली गई और न ही स्थायी सफाई की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम पड़ी ड्रेनेज लाइन में गंदगी जमा होने से बायोगैस बनती रही, जो धीरे-धीरे बाथरूम के रास्ते मकान के भीतर भर गई। जैसे ही घर में बिजली का स्विच चालू हुआ, चिंगारी से गैस ने आग पकड़ ली और तेज धमाका हो गया। हादसे के वक्त घर के भीतर मौजूद दोनों युवक झुलस गए।

घायल रतन गुर्जर ने बताया कि गैस की नली पहले से कटी हुई थी, ऐसे में एलपीजी लीकेज को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आग लगने का अंदाजा लगाने से पहले ही धमाका हो गया। उसने भाई की जान बचाने के लिए उसे बाहर धक्का दिया और खुद भी किसी तरह बाहर निकल पाया।
मंगलवार सुबह धरने पर बैठे कॉलोनीवासियों ने सवाल उठाया कि जब आठ वर्षों से शिकायतें की जा रही थीं, तो नगर परिषद और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी? प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल निरीक्षण कर चले जाते हैं और समस्या जस की तस बनी रहती है।
धरना दे रहे नागरिकों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ड्रेनेज पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसकी ठोस गारंटी चाहते हैं।
इधर घटना की जानकारी मिलने पर नगर परिषद के सीएमओ सीताराम चौहान ने मौके पर पहुंचकर जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जानकारी ली जा रही है और सिवरेज लाइन सुधार का कार्य समय-समय पर किया जाता रहा है। हालांकि धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि जांच अब क्यों, जब खतरे की चेतावनी वर्षों से दी जा रही थी?
शिवधाम कॉलोनी की यह घटना अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन धरना समाप्त कराने के लिए केवल आश्वासन देता है या फिर वास्तव में जिम्मेदारी तय कर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाता है।
