मंदसौर / राजेंद्र दायमा/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पहेड़ा मंडल में 'विश्व हिंदू समाज सम्मेलन' का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के हजारों रामभक्तों और हिंदू समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एकता का परिचय दिया।राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर दिया । कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि संघ के 100 वर्षों की यात्रा राष्ट्र के पुनर्निर्माण और समाज को संगठित करने की यात्रा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज की एकता ही राष्ट्र की सुरक्षा और समृद्धि का आधार है।शताब्दी वर्ष का उल्लास सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने संघ के इतिहास, त्याग और तपस्या पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि 1925 में विजयदशमी के दिन बोया गया एक छोटा सा बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। पहेड़ा मंडल के इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली, जो स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति उत्साहित नजर आए।

अनुशासन और सांस्कृतिक झलक- कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन की अनुपम छटा देखने को मिली। सम्मेलन में भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। स्थानीय मंडल के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
सामाजिक समरसता: समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का आह्वान किया गया। संकल्प: उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्र कल्याण और हिंदू संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

भव्य उपस्थिति: पहेड़ा मंडल के आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में मातृशक्ति और युवा पहुंचे।सम्मेलन के अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान हुआ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
