भवानीमंडी/जगदीश पोरवाल । कड़कडती  ठंड में बेसहारा व जरूरतमंद लोगों की तो सभी सहायता करते हैं, उनके रात में ठहरने के लिए रैनबसेरा औढने के लिए कंबल खाने के लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं । लेकिन इस हार्ड कंपाने वाली ठंड में बैसहारा लोगों के साथ-साथ स्थानीय नून अस्पताल प्रशासन ने सड़कों पर घूमते बेजुबान श्वान ( कुत्तों ) के भी कंबल व खाने की व्यवस्था की है ।
नून हॉस्पिटल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इन दिनों सर्दी अपने पूरे शबाब पर है। ऐसे में सभी आम इंसान और बेजुबान जानवर कड़कती सर्दी से बेहाल है। तेज सर्दी से बचाव के लिए नून हॉस्पिटल स्टॉफ ने जरुरतमंद लोगों व बेसहारा श्वानों के लिए मदद के हाथ बढ़ाये हैं। वहीं इंसानों के साथ श्वानों के बारे में भी मदद का प्रयास किया गया।

बेजुबान श्वान ( कुत्तों ) के लिए पैकिंग खाने और बिस्कुट की व्यवस्था की गई :-

नून हॉस्पिटल के सीए मुदित गंभीर ने बताया कि नून हॉस्पिटल के आसपास बेसहारा श्वानों के लिए प्रतिदिन पेकिंग खाना, दूध एवं बिस्किट दिया जा रहा है साथ ही सर्दी से बचाव के लिए श्वानों के जिए कम्बलों की व्यवस्था की गई है। 
इसी प्रकार नून हॉस्पिटल स्टॉफ की मदद से जरुरतमंद लोगों के लिए 20 से अधिक कम्बलो की व्यवस्था की गई। इन कम्बलों को गरीब लोगो में वितरण किया गया जिससे तेज सर्दी में राहत प्राप्त हो सके।
नून हॉस्पिटल के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रजत अरोड़ा ने बताया कि नून हॉस्पिटल हमेशा से पीड़ित मानवता की सयहायता के लिए प्रयासरत रहा है। इसी कड़ी में तेज सर्दी से बचाव के लिए जरुरतमंद लोगों को कम्बल वितरण किया गया एवं बेसहारा श्वानों के भोजन से सर्दी से बचाव की व्यवस्था की गई। साथ ही उन्होंने बताया कि तेज सर्दी में सुबह के समय एवं देर शाम को आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें।