आलोट/दुर्गाशंकर पहाड़िया /  विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद पहली बार पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू ने आलोट में अपनी राजनीतिक पकड़ और कार्यकर्ताओं पर मजबूत प्रभाव का खुलकर प्रदर्शन किया। बुधवार को वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से नगर पहुंचे। रामसिंह दरबार स्थित स्टेडियम पर हेलीकॉप्टर उतरते ही बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोशीले नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे पंचम बिहार कॉलोनी में आयोजित कार्यकर्ता मिलन समारोह में पहुंचे, जहां हजारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। आयोजन के दौरान सहभोज भी रखा गया।
मंच से संबोधित करते हुए प्रेमचंद गुड्डू ने कहा कि आलोट की जनता ने हमेशा उन्हें अपार प्रेम और आशीर्वाद दिया है। विधायक और सांसद रहते हुए उन्होंने कभी दलगत राजनीति नहीं देखी, बल्कि क्षेत्र की सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान परेशान है और राहुल गांधी युवाओं की आवाज बनकर सड़कों से लेकर संसद तक मजबूती से संघर्ष कर रहे हैं।
गुड्डू ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो अधिकारी जनता के पैसे से वेतन लेते हैं, यदि वही जनता का काम नहीं करते तो उन्हें जवाबदेह बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए उन्होंने अफसरशाही को जूते की नोक पर रखा और क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। सड़कों, पावर ग्रिड सहित अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरपंच या जनप्रतिनिधि यह नहीं कह सकता कि उन्होंने कभी एक रुपये का भी कमीशन लिया हो।
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गुड्डू ने दो टूक कहा कि अब उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनका एकमात्र और स्थायी पद कांग्रेस कार्यकर्ता का है, जिसे कोई उनसे छीन नहीं सकता। उन्होंने अपने पुत्र अजीत बोरासी को आलोट की जनता के हवाले करते हुए कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र के नेतृत्व की जिम्मेदारी वे निभाएंगे।
अजीत बोरासी ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए विरोधियों पर तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले उन्हें बाहरी बताते थे, वे आज आलोट छोड़कर इंदौर चले गए हैं। उनका परिवार पिछले तीन दशकों से आलोट की सेवा कर रहा है। 2013 में चुनाव हारने के बाद भी वे लगातार जनता के बीच रहे और आज भी कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं।
मल्हारगढ से विधानसभा प्रत्याशी रहे श्यामलाल जोगचंद ने इंदौर की घटना का उल्लेख करते हुए सत्ता पक्ष पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जहां शौचालय से निकला पानी जनता को पिलाया गया और 18 लोगों की मौत हो गई, वहीं सरकार केवल तारीफों में लगी रही। उन्होंने कहा कि जनता की लड़ाई झंडे के नीचे भी और बिना झंडे के भी लड़ी जा सकती है, और प्रेमचंद गुड्डू जैसे सशक्त नेता की मौजूदगी पूरे क्षेत्र में साफ महसूस की जाती है।
गुड्डू समर्थक तेजेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असली कांग्रेस कौन सी है। जो नेता चुनाव हारने के बाद पार्टी बदलकर जनता को छोड़ देते हैं, वे जनप्रतिनिधि कहलाने योग्य नहीं हैं। युवाओं और हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि आलोट में एक बार फिर कांग्रेस की सक्रिय राजनीति मजबूती के साथ उभर रही है।
कार्यक्रम में 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर बागी बने कई नेता भी मंच पर मौजूद रहे, जिनमें प्रेमचंद गुड्डू और श्यामलाल जोगचंद शामिल हैं। इन नेताओं ने उस चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी से अधिक मत हासिल किए थे। हालांकि प्रेमचंद गुड्डू की कांग्रेस में औपचारिक वापसी अब तक नहीं हुई है, लेकिन आलोट और आसपास के क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार साफ तौर पर नजर आया।
कार्यक्रम में धार से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे राधेश्याम मुवेल, हेमंत चौहान, ओम सिंह भाटी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष लाल अनिल शुक्ला, छगनलाल पाटीदार, अशोक खींची, शंकर सिंह परिहार, श्याम सिंह परिहार (सरपंच) सहित मालवांचल के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।