बांदा जिले की अदालत ने कहा– "इसे तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक इसका दम न टूट जाए"
जुलाई–2025 में ये वारदात हुई थी। सिर्फ 5 महीने में कोर्ट का फैसला आया। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने दोषी अमित को फांसी की सजा दी। इसके बाद उन्होंने कलम तोड़ते हुए कहा कि ऐसे अपराधी को कम सजा देने का मतलब है पीड़िता के साथ अन्याय होना। इसे तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक इसका दम न टूट जाए। 25 जुलाई, 2025 को आरोपी ने मासूम को टॉफी देकर अपने घर में ले गया। वहां बच्ची से दरिंदगी की। उसका बायां हाथ तोड़ दिया। उसकी जीभ और गाल में दांतों से काटा। मासूम का प्राइवेट पार्ट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं मौत से लड़ रही मासूम बच्ची का इलाज अब भी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था लेकिन वारदात के 5 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी थीं। मामला कालिंजर थाना क्षेत्र का है।
posted by : Admin/Pointer Media
07 Jan 2026, 12:31 PM5 साल की बच्ची से दुष्कर्म कर हत्या के प्रयास करने वाले हैवान अमित रैकवार को 56 दिन में फांसी की सजा का फैसला
