भवानीमंडी/जगदीश पोरवाल | चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, झालावाड़ द्वारा “गाजर घास मुक्त स्वस्थ झालावाड़ अभियान” का शुभारंभ बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान द्वारा किया गया।
डॉ. साजिद खान ने बताया कि गाजर घास (Parthenium hysterophorus) केवल एक खरपतवार नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, कृषि एवं पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है। इसके संपर्क एवं परागकणों के माध्यम से त्वचा रोग (Airborne Contact Dermatitis), श्वसन एलर्जी, दमा एवं नेत्र समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, वहीं यह भूमि की उपजाऊ क्षमता को भी प्रभावित करती है। इसलिए इसके उन्मूलन हेतु जन-जागरूकता एवं सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
अभियान के अंतर्गत जिला सीपीआर नोडल अधिकारी एवं जिला चिकित्सालय के त्वचा रोग चिकित्सक डॉ. शुभम पाटीदार के तकनीकी मार्गदर्शन में आमजन को गाजर घास से होने वाले दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय एवं सुरक्षित रूप से इसे हटाने की जानकारी प्रदान की जाएगी। जागरूकता सामग्री, परामर्श सत्र एवं सामुदायिक स्तर पर गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी।

नागरिको से की गई अपील अपने आसपास की गाजर घास को सुरक्षित तरिके से हटाए:-
सी एम एच ओ ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्रों से गाजर घास को सुरक्षित तरीके से हटाएँ तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
बीमारी की जड़ पर प्रहार:-
यह अभियान “इलाज से पहले बीमारी की जड़ पर प्रहार” के संदेश के साथ स्वस्थ, सुरक्षित एवं गाजर घास मुक्त झालावाड़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
फोटो-
(1 )गाजर घास मुक्त झालावाड़ जिले की शुरुआत करते हुए सीएमएचओ डॉ साजिद खान
(२ )बढ़ती गाजर घास से चर्म रोग से पीड़ित मरीज
