मंदसौर। शहर के व्यस्ततम हृदय स्थल गोल चौराहा क्षेत्र में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहाँ स्थित एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसने देखते ही देखते पास स्थित एक बहुमंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें लगभग 7 से 8 परिवार निवास कर रहे थे।

धूं-धूं कर जला मकान, मानवता की मिसाल बनी पुलिस-दुकान से उठी लपटों ने जब रिहाइशी मकान को घेरा, तो वहां फंसे परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। इस दौरान मंदसौर पुलिस का अदम्य साहस देखने को मिला। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुआं उगलते मकान में प्रवेश किया और भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की इस तत्परता और जांबाजी की मौके पर मौजूद हर नागरिक ने सराहना की।

साझा प्रयासों से टला बड़ा हादसा- आग पर काबू पाने के लिए प्रशासन और जनशक्ति ने एकजुट होकर मोर्चा संभाला:

फायर ब्रिगेड और नपा:- दमकल की गाड़ियों और नगर पालिका के टैंकरों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका। फायर ब्रिगेड कर्मचारी शुरू से अंत तक सक्रिय रहे।

जनप्रतिनिधियों की सक्रियता:- नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र राजेश गुर्जर स्वयं मौके पर मौजूद रहकर आग बुझाने के प्रयासों में हाथ बंटाते नजर आए। इसके अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत कार्यों का जायजा लिया।

आम जनता का सहयोग:- स्थानीय निवासियों ने भी बिना डरे बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने में प्रशासन का पूरा साथ दिया।

फ्रिज ब्लास्ट और ज्वलनशील पदार्थ बने कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण दुकान में रखे फ्रिज के कंप्रेसर का फटना बताया जा रहा है। दुकान में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें विकराल हो गईं।

प्रशासनिक बयान:- "फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आग को पूरी तरह शांत करना था। आग लगने के सटीक कारणों और हुए नुकसान का आकलन पुलिस जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।"

