तीनों पर लगाई गई भारतीय न्याय संहिता की 
धारा 112 ( 2 )

भवानीमंडी/ जगदीश पोरवाल । रुपये के लेन-देन का विवाद बताकर दो पक्ष पुलिस थाने पहुंचे जब पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर विवाद की पड़ताल की तो मामला जुआ सट्टा का निकला । दोनो पक्षो ने पुलिस को  वास्तविक घटना से गुमराह  किया । जबकि मूल विवाद जुआ-सटटा के रूपयो के हिसाब-किताब को लेकर हुआ था । प्रकरण में भवानीमंडी के सक्रिय हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ अन्नू योगी सहित शाबीर  व राजकुमार निवासी भैसोदामंडी ( म प्र ) कुल 03 आरोपितो को गिरफ्तार कर धारा 112 (2) बी.एन.एस.2023 में प्रकरण दर्ज किया ।


थानाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया की 15 दिसम्बर को प्रथम पक्ष शाबिर एवं राजकुमार व दूसरे पक्ष अनिल योगी ने रिपोर्ट में  बताया कि हमारे 03 लाख रूपये को लेकर विवाद चल रहा था जिस पर अनिल योगी एंव शाबिर व राजकुमार गुर्जर में लेन-देन को लेकर विवाद हुआ है इस पर पुलिस ने वास्तविक घटना की जांच की ।
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर तकनीकी विश्लेषण, आसूचना संकलन और गहन पुछताछ के माध्यम से दोनो पक्षो पर धारा 112 (2) बी.एन.एस.2023 में  प्रकरण दर्ज किया।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि जिले में आपराधिक गतिविधियो में संलिप्त आरोपीयो की धरपकड को गंभीरता से लेते हुए वृताधिकारी वृत भवानीमंडी प्रेमकुमार के नेतृत्व में थानाधिकारी प्रमोद कुमार द्वारा टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा  हिस्ट्रीशीटर अन्नू उर्फ अनिल योगी व राजकुमार एवं शाबिर द्वारा संगठित रूप से जुआ सटटे पर दांव लगाया था जिस पर अनिल योगी द्वारा जुआ सटटा राशि जीत जाने पर उक्त दोनो राजकुमार व शाबिर से जुआ सटटा राशि का प्रति माह ब्याज लेना तय किया जिस कारण विवाद होना पाया गया। उक्त घटना के बारे में आसुचना संकलन से ज्ञात हुआ कि लेन-देन की राशि को लेकर बताया जा रहा विवाद मूल रूप से जुआ-सटटा के हार-जीत की राशि का विवाद है।
 

हिस्ट्रीशीटर अन्नू योगी के खिलाफ आधा दर्जन मुकदमे दर्ज:-

पुलिस ने बताया की अन्नु उर्फ अनिल योगी थाना भवानीमंडी का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, एनडीपीएस, जुआ सटटा सहित कुल आधा दर्जन अपराध दर्ज।

पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया:-

पुलिस ने बताया की जांच में सामने आया कि की आरोपीगण बडे स्तर पर संगठित रूप से जुआ सटटा का कारोबार चलाते है। जिसके सबंध में मजबुत तकनीकी साक्ष्य प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुये दोनो पक्षो के विरूद्व एक ही प्रकरण में धारा 112 (2) बी.एन.एस. 2023 गिरफतार करने में सफलता अर्जित की है।

जुआ सट्टा में पकड़े जाने पर पूर्व में जो कानून था उसमें थाना स्तर पर ही  जमानत हो जाती थी   लेकिन अब दूसरे बने नए कानून में जमानत होना काफी मुश्किल काम हो गया है ।

क्या है भारतीय न्याय सहिता की धारा 112 (2) :-

भवानीमंडी के वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश जैन ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत छोटे संगठित अपराध (Petty Organised Crime) करने पर कम से कम 1 साल से लेकर 7 साल तक के कारावास (जेल) की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है, जिसमें चोरी, धोखाधड़ी, अनधिकृत सट्टेबाजी, और परीक्षा प्रश्न पत्र बेचना जैसे अपराध शामिल हैं, और यह एक गैर-जमानती अपराध है। 
BNS धारा 112(2) का मतलब (Meaning of BNS Section 112(2)):
अपराध (Offence): कोई व्यक्ति जो किसी समूह या गिरोह का सदस्य है और संगठित तरीके से छोटे अपराध करता है, जैसे चोरी, झपटमारी, धोखाधड़ी, टिकटों की अवैध बिक्री, या जुआ खेलना।
श्री जैन ने बताया कि इस धारा की जमानत सेशन कोर्ट में होना तो बहुत मुश्किल है इसकी जमानत हाईकोर्ट में ही हो सकती है , यह अपराध गैर-जमानती है, यानी जमानत मिलना मुश्किल है, लेकिन अग्रिम जमानत (anticipatory bail) के लिए आवेदन किया जा सकता है।


गिरफ्तार आरोपीगणः-
01. अनिल योगी उर्फ अन्नु पुत्र मोहन लाल जाति बेरागी उम्र 42 साल निवासी महाकाल कांलोनी भवानी मण्डी थाना भवानी मण्डी
02. राजकुमार गुर्जर पुत्र रमेश चन्द जाति गुर्जर उम्र 48 साल निवासी भेसोदामण्डी थाना भानपुरा जिला मन्दसोर एम पी
03. शाबिर अहमद पुत्र शाहिद अहमद जाति मुस्लिम उम्र 45 वर्ष निवासी भेसोदामंडी थाना भानपुरा जिला मंदसौर मध्य प्रदेश