आलोट/दुर्गाशंकर पहाड़िया । नगर परिषद के वाटर वर्क्स विभाग की लापरवाही के चलते नगर में जलप्रदाय व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। एक दिन छोड़कर पानी देने की घोषित प्रणाली कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि कई वार्डों में बिना किसी पूर्व सूचना के जलप्रदाय बंद कर दिया जाता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि जलप्रदाय बाधित होने पर न तो नगर परिषद की ओर से कोई सूचना जारी की जाती है और न ही टैंकर या अन्य किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है। इससे आम नागरिकों को पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी भटकना पड़ रहा है। आज भी नगर के कई हिस्सों में नलों से पानी नहीं आया, जिससे लोगों को निजी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ा।
नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया जाता है। कभी मोटर खराब होने तो कभी तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर बात टाल दी जाती है। बार-बार उत्पन्न होने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
जल जैसी मूलभूत सुविधा पर इस तरह की उदासीनता ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों की मांग है कि जलप्रदाय बाधित होने की स्थिति में पूर्व सूचना दी जाए, पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए और तत्काल वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं, ताकि आम जनता को अनावश्यक संकट का सामना न करना पड़े।
