मंदसौर। मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में मंदसौर न्यायालय ने आरोपी महिला संगीता बैरागी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री उत्कर्ष राज सोनी के न्यायालय में हुई।
जिला अभियोजन कार्यालय से प्राप्त प्रेस नोट के अनुसार, फरियादी देवेंद्र सांखला ने 8 अप्रैल 2022 को शहर कोतवाली मंदसौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कोठारी नगर स्थित तीन मंजिला मकान का सौदा संगीता बैरागी से 25 लाख रुपये में तय हुआ था। अनुबंध के समय फरियादी ने चार लाख रुपये का चेक दिया था। अनुबंध के अनुसार, छह माह के भीतर मकान की रजिस्ट्री कर कब्जा सौंपना तय हुआ था।
फरियादी जब करीब दो माह बाद रजिस्ट्री कराने पहुंचा, तो उसे जानकारी मिली कि उक्त मकान का सौदा कथित तौर पर पुष्पा सांखला के साथ 30 लाख रुपये में भी किया गया था, जिसके लिए तीन लाख रुपये नकद लेने की बात सामने आई। इसके अलावा, जांच के दौरान मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित दो कमरे, किचन और लेट-बाथ को चेतन सोनी के पास 3 लाख 20 हजार रुपये में गिरवी रखने की जानकारी भी सामने आई।
शिकायत के आधार पर शहर कोतवाली मंदसौर में अपराध क्रमांक 203/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 34 में प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया।
