आलोट / दुर्गाशंकर पहाड़िया । नगर में अमृत योजना 2 के तहत घर-घर नल जल योजना के नाम पर वार्ड क्रमांक 5 में की जा रही पाइपलाइन खुदाई अब नागरिकों के लिए भारी मुसीबत बनती जा रही है। बीते करीब दस दिनों से हालात यह हैं कि न तो नलों में पर्याप्त पानी मिल पा रहा है और न ही खुदाई के बाद सड़कों को दुरुस्त किया गया है। बने-बनाए पक्के रोड खोद दिए गए, लेकिन मरम्मत और सफाई की कोई सुध नहीं ली गई।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही पाइपलाइन मौजूद थी, इसके बावजूद नई पाइपलाइन डालने के नाम पर हाल ही में बने रोड और गलियों को तोड़ दिया गया। लोगों का आरोप है कि यह सब बिना ठोस जरूरत के किया गया, जिससे जनता के पैसों की खुली बर्बादी हो रही है। नागरिकों का कहना है कि पहले रोड तोड़े जाएंगे, फिर नए रोड बनाए जाएंगे और इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी राशि का दुरुपयोग होगा, जबकि परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ेगी।

पाइपलाइन डालने के बाद खुदाई का मटेरियल सड़कों पर ही छोड़ दिया गया है। जगह-जगह गड्ढे होने से आवागमन बाधित हो रहा है। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, वहीं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। शाम और रात के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

रहवासियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य इस तरह किया जा रहा है, जैसे “अपना काम बनता और भाड़ में जाए जनता” वाली कहावत को जमीनी हकीकत में उतार दिया गया हो। नई पाइपलाइन डालने के बाद भी पानी की आपूर्ति संतोषजनक नहीं है, जिससे जिस योजना को सुविधा के लिए शुरू किया गया था, वही अब लोगों के लिए दुविधा बनती नजर आ रही है।

नागरिकों ने मांग की है कि पहले से मौजूद पाइपलाइन होते हुए नई लाइन डालने और बने-बनाए रोड खोदने की आवश्यकता पर जिम्मेदार अधिकारी स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही कार्य की गुणवत्ता, खर्च और ठेकेदार की भूमिका की जांच कराई जाए। वार्डवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से अपेक्षा जताई है कि तत्काल जलापूर्ति व्यवस्था सुधारी जाए, खुदी सड़कों की मरम्मत कराई जाए और यदि अनावश्यक कार्य किया गया है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो, ताकि जनता के पैसों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।