मल्हारगढ़। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक महापर्व 'विजयादशमी' (दशहरा) मल्हारगढ़ में अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के साथ मनाया गया। दशहरा उत्सव समिति मल्हारगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कार्यक्रम का सबसे मुख्य और आकर्षक केंद्र भगवान श्री राम की महाआरती रही। भवानी माता गरबा मंडल के सदस्यों द्वारा प्रसिद्ध वाराणसी (काशी) के गंगा घाट की भव्य तर्ज पर भगवान श्री राम की संगीतमय और दिव्य आरती उतारी गई। शंखध्वनि, डमरू व विशेष सुसज्जित इस आरती के दृश्य ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा परिसर जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

समारोह के दौरान बजरंग अखाड़ा की बालिकाओं और कलाकारों ने अपनी शौर्य कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए हैरतअंगेज लाठी-काठी और पारंपरिक शस्त्र संचालन के करतबों ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों और नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बालिकाओं के इस अदम्य साहस और कला का उत्साहवर्धन किया।

रावण दहन से पूर्व मैदान में भव्य और मनमोहक आतिशबाजी का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा आसमान जगमगा उठा, जिसे देखकर उपस्थित अपार जनसमूह झूम उठा। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा अहंकारी रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण के पुतले के धू-धू कर जलते ही चारों ओर धर्म की विजय के जयघोष गूंजने लगे।

दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्य ने सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले लोगों तथा श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।