मंदसौर जिले के गांव गुर्जरबर्डिया स्थित प्राचीन कालेश्वर माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। मंदिर में लगातार 15 वर्षों से नवरात्रि पर गरबा आयोजन की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष भी नौ दिनों तक प्रतिदिन गरबे का आयोजन किया गया, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। नवमी के अवसर पर गरबा आयोजन के अंतिम दिन माता को भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।


गुर्जरबर्डिया के कालेश्वर माता मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों तक माता की आराधना के साथ गरबा आयोजन किया गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन कर गरबे में भाग लिया।

नवमी के दिन विशेष आयोजन में माताओं-बहनों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साह के साथ गरबा खेला। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में नजर आया। आयोजन के दौरान माता कालेश्वर को भोग अर्पित किया गया और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, कालेश्वर माता मंदिर प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रत्येक रविवार को दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार दंडवत करते हुए माता के दरबार में आते हैं और आभूषण, दान-दक्षिणा सहित विभिन्न रूपों में भेंट अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता के दरबार में प्रार्थना करने से उन्हें सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है।

इस तरह नवमी के अवसर पर गरबा आयोजन के समापन के साथ मंदिर में नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।