उज्जैन सिंहस्थ सिर पर है और इंदौर-उज्जैन से लेकर अन्य जिलों की प्रशासनिक मशीनरी इसकी तैयारी में जुटी है, तो सड़कों-फ्लायओवरों के निर्माण सहित मूलभूत सुविधाओं की तैयारी भी चल रही... खबरों के मुताबिक, 2028 के उज्जैनी सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगेगा... चूंकि सिंहस्थ गर्मी के मौसम में आयोजित होगा, तो एसी-फ्रीज-कूलर से लेकर अन्य बड़े बिजली उपकरण भी भारी संख्या में लगातार चलेंगे, जिसकी उच्च स्तरीय बिजली व्यवस्था करना जिम्मेदारों के लिए बड़ी चुनौती है... अधिकारी मीडिया को बताते हैं कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर में बिजली की मांग करीब 100 करोड़ यूनिट तक पहुंच जाएगी, जो पिछले सिंहस्थ के मुकाबले करीब 70 करोड़ यूनिट से भी अधिक होगी...

उज्जैन में तीन दिन तक विशेषज्ञों का डेरा…

सिंहस्थ में उज्जैन शहर की विशेष बिजली व्यवस्था का इंतजाम करने हेतु विशेषज्ञों की टीम उज्जैन भी पहुंच चुकी है... बताया जाता है कि ये टीम तीन दिनों तक उज्जैन में ही रहकर बिजली योजना बनाएगी और क्षिप्रा किनारे मेला क्षेत्र में बिजली प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव भी साझा करेगी... इस दौरान इस पर भी मंथन होगा कि पलभर के लिए भी बिजली बंद ना हो और करंट दौड़ता रहे... साथ ही अन्य बारीकियों पर भी अध्ययन होगा... उज्जैन में एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जो 24 ही घंटे एक्टिव रहेगा... विशेषज्ञों का यह समूह यूपी के उसी पॉवर डिपार्टमेंट से उज्जैन पहुंचा जिसने उत्तरप्रदेश के महाकुंभ को भी रोशन किया था..!