मंदसौर / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा निर्देशानुसार व माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री अनीष कुमार मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में किया गया।
जिला न्यायालय परिसर स्थित ए.डी.आर. सेंटर भवन के सभागृह में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री अनीष कुमार मिश्रा, माननीय न्यायमूर्ति (से.नि.) श्री जी.डी. सक्सेना, न्यायाधीश (से.नि.) श्री रघुवीर सिंह चुण्डावत, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह पंवार ने सम्बोधित कर अपने विचार व्यक्त किये। शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन एवं आभार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर के सचिव श्री सुधीर सिंह निगवाल द्वारा व्यक्त किया गया।

उक्त कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) श्री मनोज कुमार तिवारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्री आसिफ अब्दुल्लाह, श्रीमती शिल्पा तिवारी, श्री विवेक बुखारिया, श्री मुनेन्द्र सिंह वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अतुल बिल्लोरे, न्यायाधीशगण श्रीमती रोहिणी तिवारी, श्री राजकुमार त्रिपाठी, श्रीमती प्राची पाण्डेय माटा, श्रीमती रूचि पटेरिया अरोरा, श्री चीराग अरोरा, सुश्री श्वेता सिंह, श्री काशिष माटा, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण, न्यायिक कर्मचारीगण, विभिन्न बैंक, बीमा कम्पनियां, विद्युत विभाग एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, खण्डपीठ सदस्यगण, लीगल एड डिफेंस काउंसल, पेनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालेन्टियर्स इत्यादि उपस्थित रहे।
दिनांक 13 दिसम्बर, 2025 की नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिले में कुल 22 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया।
उक्त लोक अदालत में न्यायालयों द्वारा रेफर किये गए 1798 प्रकरणों में से कुल 814 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 6,21,48,653/-के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार कुल 2084 प्रीलिटिगेशन के प्रकरणों में से 1197 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 44,61,522/- राशि की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 25 प्रकरण निराकृत किए गए, जिसमें कुल राशि 1,67,85,000/- के अवार्ड पारित किये गये। इस लोक अदालत में चैक बाउंस के 262 प्रकरण निराकृत किए गए जिसमें कुल राशि रू. 4,07,63,006/- के अवार्ड पारित किये गये।
नेशनल लोक अदालत में कुछ विशेष प्रकरणों का भी हुआ निराकरण
करीब ढाई वर्ष से अलग रह रहे पति-पत्नी हुए एक, साथ-साथ गए घर
दिनेश (बदला हुआ नाम) का विवाह रानी (बदला हुआ नाम) से वर्ष 2020 में हुआ। लगभग 02 वर्ष पूर्व दोनों के बीच वैवाहिक जीवन के दौरान उपजे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। परिणामस्वरूप दिनेश और रानी अलग-अलग रहने लगे। परिवार के द्वारा समझौते-समझाईश की कौशीश की गई, लेकिन कोई सफलता हाथ न लगी। पति द्वारा पत्नी के विरूद्ध धारा 9 एवं विकल्प में धारा 13 हिन्दू विवाह अधिनियम के अन्तर्गत कुटुम्ब न्यायालय में वाद संस्थित किया। मामला जब नेशनल लोक अदालत में समक्ष आया कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्रीमती प्रिर्या शर्मा, मामले से संबंधित अधिवक्ता श्री प्रकाश रातड़िया एवं श्री राजेन्द्रसिंह पंवार द्वारा किये गए समझौते सार्थक प्रयास से लगभग ढाई वर्ष से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी साथ रहने पर सहमत हुये। माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती प्रिया शर्मा की उपस्थिति में दोनो नें एक दूसरे को माला पहनाई एवं मिठाई खिलायी और दोनो राजी-खुशी एक साथ अपने घर को गए।
पत्नी ने पति के विरूद्ध मारपीट एवं प्रातड़ना के आधार पर केस लगाया, लोक अदालत में हुआ समझौता, शांतीपूर्ण तरीके से रहने को हुये सहमत।
नरगीश (बदला हुआ नाम) का विवाह आशीक (बदला हुआ नाम) से वर्ष 2023 में सामुहिक विवाह सम्मेलन मुस्लिम शरीयत अनुसार हुआ। विवाद बढ़ने पर वर्ष 2023 से नरगीश और आशीक दोनो ही पृथक-पृथक रहने लगे। मारपीट एवं प्रताड़ना के आधार पत्नी द्वारा पति के विरूद्ध कुटुम्ब न्यायालय, मंदसौर में वाद दायर किया गया। मामला लोक अदालत के समक्ष आने पर, पीठासीन अधिकारी द्वारा समझौते के किये गए प्रयासों के परिणाम स्वरूप दोनों शांतीपूर्ण तरीके से एक साथ रहने को सहमत हुये। प्रकरण में समझौता कार्यवाही के दौरान आवेदक के अधिवक्ता श्री शेख बशीरूद्दीन तथा अनावेदक अधिवक्ता हाफीज खॉ भी मौजूद रहे। माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती प्रिया शर्मा की उपस्थिति में पति-पत्नी दोनो ने एक दूसरे को माला पहनाई एवं मिठाई खिलाईं।
