झालावाड़ जिले में
भवानीमंडी । (जगदीश पोरवाल ) प्रशासन की दृष्टि से झालावाड जिला राज्य और कई मामलों में तो पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा लेकिन राजनीतिक स्तर पर अभी भी बहुत कुछ होना बाकी है,राजनीतिक इच्छा शक्ति भी है तो केवल झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र में जहां से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विधायक है ।
झालावाड़ जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के विधायक है तथा सांसद भी भाजपा के हैं । पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पावर में थी तब तक कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह था लेकिन वह अब धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है ।

"नव उत्थान - नई पहचान बदलता राजस्थान बढ़ता राजस्थान" के संकल्प के साथ जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, उद्योग, महिला एवं युवा सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे के विस्तार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक और प्रभावी कार्य किए हैं। 
प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य निष्पादन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। झालावाड़ जिले ने भी पिछले 2 वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है जो निम्न प्रकार है -

राज्य में प्रथम स्थान पर रहा:-

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिले के शत-प्रतिशत पेंशनधारियों का सत्यापन करने वाला प्रदेश में पहला जिला बना झालावाड़।
झालावाड़ जिले को नीति आयोग द्वारा "Certificate of Appreciation" से सम्मानित किया गया है। यह प्रशस्ति पत्र 'स्वास्थ्य एवं पोषण', 'कृषि एवं संबंधित सेवाएं' और 'सामाजिक विकास' जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर 4 संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति (सैचुरेशन) प्राप्त करने के लिए प्रदान किया गया है।

राज्य सरकार की पंच गौरव योजना:-  

गागरोन दुर्ग में हुए चित्रकला महोत्सव में 5100 विद्यार्थियों द्वारा एकसाथ चित्रकारी कर झालावाड़ ने विश्व रिकॉर्ड बनाया।

अवाप्त भूमि का जल संसाधन विभाग के नाम नामान्तरण"

झालावाड़ जिले में कुल 44 परियोजनाओं (वृहद, मध्यम, लघु एवं माईक्रो सिंचाई परियोजना) की कुल अवाप्त भूमि 13 हजार 263 हैक्टेयर में से 13 हजार 150 हैक्टेयर (99.15 प्रतिशत) भूमि का विभाग के नाम नामान्तरण किया जा चुका है, जो कि विभाग की बडी उपलब्धियों में से एक है।

परवन वृहद बहुउद्देशीय परियोजना -

परवन वृहद बहुउ‌द्देशीय परियोजना के अन्तर्गत भारत की सबसे लम्बी वॉटर टनल का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 8.75 किलोमीटर है। इस टनल का निर्माण कार्य 97 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है।

देश की प्रथम पिंक पीएचसी :-

जिले में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवाचार किया गया, जिसमे देश की प्रथम पिंक पीएचसी बनाई गयी, जिसमें चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर, ए.एन.एम., लैब टैक्निशियन, सहायक लैब टैक्निशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहायक स्टॉफ सभी महिलाएं ही कार्य करती है।

झालावाड़ जिले का संतरा क्षेत्रफल एवं उत्पादन में राज्य में प्रथम स्थान पर है :-

वर्ष 2024-25 में जिले में संतरा बगीचा 23 हजार 900 हैक्टर क्षेत्रफल मे स्थापित है, जिसका उत्पादन 2 लाख 90 हजार 500 मै.टन है।

मसाला उत्पादन :-

धनिया उत्पादन राज्य में झालावाड जिला प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में धनिया का क्षेत्रफल 21 हजार 48 हैक्टेयर एवं उत्पादन 28 हजार 861 मै.टन है।

नवाचार झालावाडी हर्बल गुलाल :-

जिला प्रशासन के सहयोग से वनधन केन्द्रों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार कर 5.50 लाख की 2200 किलोग्राम हर्बल गुलाल विक्रय राजस्थान में सबसे अधिक विक्रय कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो राजीविका की महिलाओ द्वारा प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करके बनायी गयी।

अतिक्रमण मुक्त :-

झालावाड जिले को अतिक्रमण से मुक्त करायें जाने के अभियान के अन्तर्गत निम्न प्रमुख अतिक्रमण हटाए गए ।
भू-सम्पदा अभियान चलाया गया जिसके अन्तर्गत विभिन्न राजकीय कार्यालयों (जो पूर्व से ही जिले में स्थापित हो) को उनकी भूमि का पट्टा/आवंटन पत्र जारी किए जा रहे हैं।


पुलिस विभाग के कार्य:-

पुलिस विभाग द्वारा नशा तस्करों के विरूद्ध अभियान चलाकर उनकी अवैध सम्पतियों को घ्वस्त किया गया।
ऑपरेशन शटर डाउन के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं में सेंध लगाने वाले लोगों का पर्दाफाश किया गया।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु राहतवीर योजना का शुभारम्भ किया गया। सड़क दुर्घटनाओं में कमेटी के माध्यम से सफलतम प्रयास कर 2024 की तुलना में दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं घायलों की संख्या में कमी लाई गई।