आलोट (रतलाम) दुर्गाशंकर पहाड़िया । सरकारी यूरिया वितरण में धांधली और किसानों से अधिक वसूली का मामला उजागर होने के बाद आलोट पुलिस ने मध्यप्रदेश राज्य विपणन संघ गोदाम के कर्मचारी कैलाश दास पिता पुष्कर दास निवासी डाबडिया के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

मामला तब खुला जब वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक नितेश सगित्रा ने 10 दिसंबर को थाने में दस्ती आवेदन के साथ 6 पृष्ठों के सबूत प्रस्तुत किए। शिकायत के आधार में किसान देवीसिंह पिता सरतानसिंह निवासी भोजाखेड़ी की शिकायत थी, जिसमें आरोप था कि कर्मचारी ने 10 बोरी यूरिया देने के नाम पर 3500 रुपये ले लिए, लेकिन बाद में केवल चार बोरी देकर 2100 रुपये लौटाए। शिकायत के साथ वीडियो और अन्य दस्तावेज भी दिए गए।

जांच के दौरान आरोपी कैलाश दास ने स्वीकार किया कि किसान से 3500 रुपये लिए गए थे और चार बोरी देने के बाद आंशिक राशि वापस की गई। वीडियो, किसानों के बयान और आरोपी के लिखित कथन के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

थाना आलोट में उप-निरीक्षक मनोज पाटीदार के नेतृत्व में जांच जारी है। पुलिस ने मौके का पंचनामा, स्टॉक रजिस्टर, गोदाम रिकॉर्ड, किसानों के बयान और आरोपी का कथन केस डायरी में शामिल किया है। अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त बयान और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं तथा आगे की विधिक कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी उर्वरक वितरण में किसी भी स्तर की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरक निरीक्षक द्वारा गोदाम कर्मचारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक ढर्रे में गंभीर सुधार की दिशा मानी जा रही है।