17 सितंबर से ग्राम पंचायत स्तर पर शुरू होगा स्वामित्व दस्तावेजों का पंजीयन

नीमच : फार्मर रजिस्ट्री में सितंबर अंत तक 65 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश

  कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा 17 सितंबर से प्रारंभ होने जा रहे स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आईटीआई रामपुरा में पटवारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।

                कलेक्टर ने कहा कि स्वामित्व योजना के पंजीयन कार्य में हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पटवारी स्वयं हितग्राहियों से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही समय पर पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि अभियान का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना है। शिविरों में पटवारी, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक आपसी समन्वय से कार्य करें।

                कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए सितंबर अंत तक प्रगति 65 प्रतिशत से कम नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पटवारियों एवं तहसीलदारों को 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्थित रूप से शुरू करें पंजीयन कार्य             एडीएम श्री बी.एस. कलेश ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर से ग्राम पंचायत स्तर पर स्वामित्व दस्तावेजों का पंजीयन व्यवस्थित रूप से प्रारंभ किया जाए। शिविर स्थलों पर बैठक व्यवस्था, पेयजल, नेटवर्क एवं वाई-फाई सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने पटवारियों को पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण में बताया गया कि ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में सर्वेक्षण एवं ड्रोन सर्वे के आधार पर भूखंडों के संबंध में कानूनी मालिकाना हक के पंजीकृत संपत्ति दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन निःशुल्क है। प्रक्रिया के तहत भूस्वामी द्वारा एमपी ई-सर्विस पर आवेदन किया जाता है, जिसके बाद पटवारी द्वारा सारा ऐप के माध्यम से सत्यापन एवं आवश्यक कार्यवाही की जाती है।

पंजीयन प्रक्रिया में भूस्वामी एवं गवाहों की जानकारी, आधार ई-केवाईसी, वीडियो रिकॉर्डिंग, दस्तावेज सत्यापन एवं ई-साइन सहित निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। आवश्यक ई-साइन पूर्ण होने के बाद आवेदन पंजीयन के लिए प्रस्तुत किया जाता है तथा पंजीयन पूर्ण होने पर पंजीकृत डीड उपलब्ध होती है।

कलेक्टर ने आईटीआई की प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का लिया जायजा

प्रशिक्षण के बाद कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने आईटीआई रामपुरा के विभिन्न प्रशिक्षण कक्षों एवं कार्यशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण एवं ट्रेड संबंधी जानकारी ली तथा प्रशिक्षकों से उपस्थिति, उपलब्ध संसाधनों, मशीनरी एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त की।

 

कलेक्टर ने मशीनरी एवं उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा प्रशिक्षण संसाधनों को आवश्यकतानुसार बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, एडीएम श्री बी.एस. कलेश, एसडीएम सुश्री किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर सुश्री श्रुति भयड़िया, आईटीआई प्राचार्य श्री एच.एस.परिहार एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।