निष्फल व्यय और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के कुल 771 मामलों में की गई रिकवरी
रतलाम जनपद में सर्वाधिक वसूली

रतलाम : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निष्फल व्यय एवं अन्य अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन व जिला पंचायत सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रतलाम के निर्देशन में जिले की सभी जनपद पंचायतों में मनरेगा योजना अंतर्गत कुल 35,83,542 रुपये की वसूली की गई है।

 

जिला पंचायत कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले की 6 जनपद पंचायतों में कुल 771 निष्फल व्यय कार्यों को चिह्नित किया गया था, जिनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए रिकवरी सुनिश्चित की गई।

 

जनपद पंचायत रतलाम में सबसे अधिक 211 निष्फल व्यय कार्यों से 13,51,673 रुपये तथा अन्य मदों से 25,166 रुपये मिलाकर कुल 13,76,839 रुपये की वसूली की गई।

 

जनपद पंचायत जावरा में 113 कार्यों से 4,24,520 रुपये तथा अन्य 1,61,118 रुपये मिलाकर कुल 5,85,638 रुपये वसूल किए गए।

 

जनपद पंचायत बाजना में 96 कार्यों से 4,45,566 रुपये तथा अन्य 1,01,181 रुपये मिलाकर कुल 5,46,747 रुपये की रिकवरी हुई।

 

जनपद पंचायत आलोट में 141 कार्यों से निष्फल व्यय की कुल 4,02,247 रुपये राशि वसूल की गई।

 

जनपद पंचायत पिपलौदा में 109 निष्फल व्यय कार्यों से कुल 3,71,271 रुपये की वसूली की गई।

 

जनपद पंचायत सैलाना में 101 कार्यों के सापेक्ष कुल 3,00,800 रुपये की राशि वसूल की गई।

 

कुल 771 निष्फल कार्यों से निष्फल व्यय से कुल 32,96,077 रुपये तथा अन्य मदों से 2,87,465 रुपये की राशि वसूल की गई है। इस प्रकार कुल 35,83,542 रुपये की राशि वसूल की गई है।

 

सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना में पारदर्शिता और शासकीय धन का सही उपयोग प्राथमिकता है। भविष्य में भी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, निष्फल व्यय या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ निरंतर कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।