आलोट/दुर्गाशंकर पहाड़िया । नगर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कब्जों का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध गतिविधियाँ सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार रामसिंह दरबार रोड स्थित सुंदरवन टेचिंग ग्राउंड के पास गोचर भूमि पर जेसीबी मशीनों से नियमित रूप से मिट्टी कटाई और भूमि समतलीकरण किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर खमरिया–नापा खेड़ा औद्योगिक मगरे में शासकीय भूमि पर धीरे–धीरे खेती शुरू कर कब्जा स्थापित करने की कोशिशें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार सुंदरवन क्षेत्र में स्थित सर्वे क्रमांक 1375/3, 1375/4 और 1375/5 राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय गोचर भूमि के रूप में दर्ज हैं, बावजूद इसके बड़े स्तर पर मशीनों से खुदाई दिखाई दे रही है। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र में फसल बोकर भूमि पर स्वामित्व का दावा पेश करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश भू–राजस्व संहिता के अंतर्गत शासकीय भूमि पर समतलीकरण, खनन, कृषि या किसी भी निजी गतिविधि को अवैध माना जाता है तथा यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। नागरिकों का कहना है कि यदि गोचर एवं औद्योगिक दोनों ही श्रेणी की भूमि पर कब्जे की प्रवृत्ति जारी रही तो भविष्य में जनहित, पशुपालन और औद्योगिक विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय निवासियों ने राजस्व विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण, सीमांकन, पंचनामा एवं दस्तावेजी सत्यापन कर वास्तविक स्थिति उजागर करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता तो संगठित कब्जा माफिया शासकीय भूमि को पूरी तरह हड़पने में सफल हो सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि राजस्व विभाग कब स्थल निरीक्षण कर कब्जे की सच्चाई सार्वजनिक करता है और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई शुरू करता है। स्थानीय जनता की निगाहें प्रशासनिक फैसले पर टिकी हुई हैं।
