आलोट/दुर्गाशंकर पहाड़िया । अष्टापद जैन तीर्थ परिसर से शाश्वत शासन भूमि आदिनाथ दरबार, पालीताना (गुजरात) के लिए साधु–साध्वी मंडल की निश्रा में छःरी पालीत पैदल संघ का प्रस्थान रविवार को धार्मिक उल्लास एवं आकर्षक शोभा यात्रा के साथ हुआ। हाथी–घोड़े, पालकी एवं भगवान की रथयात्रा के साथ प्रारम्भ हुए इस पावन संघ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक–श्राविकाएँ शामिल हुईं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं लाभार्थी परिवारों — भूपेन्द्र कुमार, महेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र कुमार चिपड परिवार द्वारा अनुकंपा की गई।

12 किलोमीटर की प्रथम पदयात्रा के उपरांत पहला पड़ाव प्रदीप चौधरी पेट्रोल पंप के सामने हुआ, जहाँ प्रदीप कुमार, निर्मल कुमार, पीयूष कुमार, नेहल कुमार चौधरी परिवार ने साधार्मिक भक्ति का लाभ लिया। तत्पश्चात धर्मसभा में अष्टापद ट्रस्ट मंडल एवं मुख्य संघपति द्वारा साधु–साध्वी मंडल का बहुमान किया गया।
जीवन में जागना जरूरी — मुनि समर्वित रत्नसागर जी
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री जिन पियूष सागर सुरिश्वरजी के शिष्य मुनि समर्वित रत्नसागर जी ने कहा— “जीवन में सदैव जागृत रहना आवश्यक है। जो व्यक्ति जाग गया, वही संयम और धर्म आराधना के मार्ग पर आगे बढ़ जाता है। अष्टापद जैसी पावन भूमि से 41 दिवसीय छःरी पालीत पैदल संघ आत्मदर्पण को देखने का अवसर देता है।
दूसरों को देखना आसान, स्वयं को देखना कठिन — चंदनबाला श्री जी
धर्मसभा में प्रखर व्याख्यात्री चंदनबाला श्री जी ने कहा— “हम दूसरों के जीवन को देखना आसान समझते हैं, पर स्वयं के जीवन को समझना कठिन लगता है। जीवन दर्पण के समान है — जिसका आत्मविश्वास प्रबल हो, वही मंजिल प्राप्त करता है। गुलाब खिलकर भी खुशबू देता है और मुरझाकर भी — यही जीवन का संदेश है।”
उन्होंने कहा कि पैदल संघ धर्म आराधना की अनूठी साधना है, जो पालीताणा की शाश्वत भूमि तक पहुँचने का सौभाग्य प्रदान करती है।
गौतम स्वामी एवं सुधर्मा स्वामी भगवान की प्रतिष्ठा संपन्न
संघ प्रस्थान से पूर्व साधु–साध्वी मंडल की पावन उपस्थित में गौतम स्वामी एवं सुधर्मा स्वामी भगवान की प्रतिष्ठा विधि–विधानपूर्वक सम्पन्न हुई।
प्रतिष्ठा के लाभार्थी प्रतापगढ़ स्थित चांदमल चिपड परिवार रहे।
विशिष्ट उपस्थितियां
कार्यक्रम में अष्टापद ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष जयंतीलाल दख, आदर कुमार भंसाली, आज़ाद सिंह ददडा, सचिव रविन्द्र सिंह श्रीमाल, सहसचिव नितेश बांठिया, कोषाध्यक्ष मनीष कोचर, पंकज मेहता, महेंद्र चोपड़ा, डॉ. सुनील चोपड़ा, सरदार मल चोरडिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
