आलोट/दुर्गाशंकर पहाड़िया । मालवा का गौरव माने जाने वाले अष्टापद जैन तीर्थ से तीर्थ प्रेरिका श्री जिन शिशु प्रज्ञा गुरुजी की प्रेरणा एवं आचार्य जिन पीयूष सागर सुरेश्वर गुरुजी की निश्रा में 41 दिवसीय छः री पालीत पैदल संघ कल रविवार सुबह धार्मिक विधि-विधान और मंगलाचार के बाद भव्य शोभायात्रा के रूप में रवाना होगा। पैदल संघ में लगभग 300 श्रावक-श्राविकाएं शामिल होंगी, जो प्रतिदिन 12 से 17 किलोमीटर दूरी साधु-साध्वी मंडल के साथ पैदल तय करेंगी। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, पालकी, जिन ध्वज और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
संघ प्रस्थान से पूर्व अष्टापद मंदिर को विद्युत रोशनी, पुष्पों और रंगोली से सुसज्जित किया गया है। शनिवार शाम विनिता नगरी स्थित ज्ञानामृत पानशाला का शुभारंभ संकल्प रत्न सागर गुरुजी एवं श्री जिन शिशु प्रज्ञा गुरुजी द्वारा विधि-विधान से किया गया। इस अवसर पर संकल्प रत्न सागर गुरुजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए पैदल संघ के उद्देश्य और धार्मिक महत्व की जानकारी दी।
अष्टापद ट्रस्ट मंडल के सचिव रविंद्र सिंह श्रीमाल ने बताया कि संघ का पहला पड़ाव जावरा रोड स्थित प्रदीप चौधरी के पेट्रोल पंप के सामने रहेगा। रविवार सुबह वहां से प्रस्थान कर संघ जावरा नगर में होता हुआ उमट पालिया पहुंचेगा, जहां रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद यात्रा नामली की ओर जारी रहेगी। प्रतिदिन संघपति द्वारा कुमारपाल राजा की आरती धूमधाम से की जाएगी और विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपादित होंगी।
उन्होंने बताया कि इस पदयात्रा में चिप्पड परिवार मुख्य लाभार्थी है और देशभर से 36 संघपति इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। पैदल संघ 15 जनवरी को गुजरात स्थित पालीताना जैन तीर्थ पहुंचेगा। 16 जनवरी को सभी संघपतियों की माल चढ़ाने का कार्यक्रम होगा और 7 मुमुक्षुओं की दीक्षा आचार्य जिन पीयूष सागर सुरेश्वर गुरुजी की निश्रा में संपन्न होगी। संपूर्ण आयोजन अष्टापद ट्रस्ट मंडल द्वारा किया जा रहा है।
