पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सीएमओ को लिखा पत्र

मंदसौर। सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे से कालीदास मार्ग-घंटाघर सदर बाजार मार्ग को आदर्श सड़क के रूप में विकसित किये जाने के निर्णय के कारण इस मार्ग पर वर्षो से फुटपाथ, ठेलेवाले व गुमटी के माध्यम से व्यापार-व्यवसाय करने वाले छोटे गरीब तबके के लोगो को हटा दिया गया है। इनमे से कई व्यवसायी 30-40 वर्षों पूर्व से ही इस मार्ग पर अस्थायी रूप में व्यापार-व्यावसाय कर रहे थे। इनमें से कुछ लोग शासन की योजना के अंतर्गत कर्ज लेकर, स्ट्रीट वेंडर तथा हॉकर्स जोन के रूप मे भी स्थापित थे, वर्षों पूर्व घंटाघर डिवाईडर के सामने बैठने वाले पुराने कपडे  क्रय करने वाले गरीब परिवार के लोगों को तत्कालीन प्रशासन ने हटाकर नेहरू बस स्टेण्ड पर स्थान दिया था, उन्हें भी 20 वर्ष बाद पुनः फिर हटा दिया गया। आपने पिछले चार दिनों से इस अभियान में मैदान मे रहकर अतिक्रमण हटाया है।
यह बात पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सीएमओ श्रीमती अनीता चकोटिया को लिखे पत्र में कही है।

 सिसोदिया ने कहा कि अतिक्रामकोे को अतिक्रमण की परिभाषा में मानते हुये, जो वर्षों से स्थापित होकर अपना पेट पालते हुये परिवार को जैसे-तैसे अपनी रोजी-रोटी के लिये काम करते है, उन्हें यदि हटाया जाता है तो उन्हे पुनः स्थापित करते हुये वैकल्पिक स्थान भी उपलब्ध कराया जाता है, यह व्यवस्था भी है और मानवीय संवेदना भी।

 सिसोदिया ने कहा कि मेरा आपसे अनुरोध है कि ऐसे सभी गरीब फलवाले, फूलवाले, चाय के ठेले वाले, फुटपाथ पर व्यापार करने वाले सभी श्रेणी के इस मार्ग से हटाये गये गरीबों को पुनः स्थापित करने के लिये स्थान उपलब्ध कर वैकल्पिक स्थान दिया जाना गरीबो के लिये न्याय होगा। यदि आप चाहे तो मैं आपको वैकल्पिक स्थान कहां हो सकते है, अवगत करा सकता हूं। ऐसे अनेक जगहों के स्थान के बारे मे मैं आपको अवगत करा सकता हूं।