मल्हारगढ़। ग्राम पंचायत कनघट्टी में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सार्वजनिक सुलभ शौचालय पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। शौचालय के उपयोग में नहीं होने के कारण ग्रामीणों एवं कृषि कार्य के लिए आने वाले प्रवासी मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच स्वर्गीय बसंतीलाल आर्य की पत्नी दाखीबाई के कार्यकाल में इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन बीते चार वर्षों से यह शौचालय बंद पड़ा है और रखरखाव के अभाव में धूल खा रहा है।

मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष अजय नागरिया ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम में वर्ष में दो बार लगभग 500 से 700 आदिवासी प्रवासी मजदूर कृषि कार्य के लिए आते हैं। सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण ये मजदूर बस स्टैंड, बालाजी मंदिर के पीछे, सड़क किनारे तथा गांव के विभिन्न स्थानों पर खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इससे गांव का वातावरण दूषित हो रहा है और स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अजय नागरिया ने कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने शौचालय का उपयोग नहीं होना ग्राम पंचायत की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से इसकी शिकायत कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मल्हारगढ़ जनपद के सेक्टर प्रभारी इंजीनियर महेश कुमावत द्वारा इस संबंध में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब शौचालय का निर्माण पूर्व सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत होकर पूर्ण हो चुका है, तो वर्तमान पंचायत इसे चालू करने में रुचि क्यों नहीं दिखा रही है।

नागरिया ने वर्तमान पंचायत पर भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली अपनाने का भी आरोप लगाया और कहा कि इससे ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले से जिला कलेक्टर को भी अवगत कराया जा चुका है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय को शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि गांव में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो सके और प्रवासी मजदूरों सहित आम नागरिकों को राहत मिल सके।