मन्दसौर / 6 जून, मंदसौर के किसान आंदोलन की बरसी के रूप में याद किया जाता है। वर्ष 2017 में मंदसौर जिले में किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी। यह घटना मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसान आंदोलनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दुखद अध्याय मानी जाती है।
इस वर्ष 6 जून 2026 को भी किसान संगठनों द्वारा शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने मंदसौर में बही चौपाटी पर सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की थी।
2017 में क्या हुआ था?
- किसानों ने फसलों के उचित दाम, कर्जमाफी और कृषि समस्याओं को लेकर आंदोलन शुरू किया था।
- 6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई।
- फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए।
आज भी क्यों याद किया जाता है?
मंदसौर किसान गोलीकांड को किसान अधिकारों और कृषि नीतियों से जुड़े संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष किसान संगठन शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी मांगों और किसान हितों के मुद्दों को उठाते हैं।
आज किसान आंदोलन की बरसी पर सभी शहीद किसानों को शत शत नमन
