उज्जैन के झालरिया में दर्दनाक हादसा, 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम की मौत, 23 घंटे बाद निकाला गया शव
उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में गुरुवार रात करीब 7:30 बजे बोरवेल में गिरे तीन साल के मासूम भागीरथ देवासी का शव करीब 23 घंटे बाद बाहर निकाला गया। जिला प्रशासन की मौजूदगी में SDRF और NDRF की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मासूम को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़नगर अस्पताल भेज दिया गया है। सूचना मिलने के बाद से ही कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करते रहे।

उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में तीन वर्षीय भागीरथ देवासी गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया था। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंच गई और देर रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
करीब 23 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम ने लोहे की छड़, रस्सी और बोरवेल से मोटर निकालने वाली विशेष मशीन की मदद ली। काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मासूम को बाहर निकाला गया, लेकिन लंबे समय तक पानी में फंसे रहने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। लोग लगातार मासूम के सुरक्षित बाहर आने की दुआ कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उम्मीद टूट गई और यह रेस्क्यू ऑपरेशन दुखद अंत के साथ खत्म हुआ।
शव को तत्काल बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
एसपी प्रदीप शर्मा और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि झालरिया गांव से बच्चे के शव को बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया है। मामले में जांच की जाएगी और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही एसपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने वाली सभी टीमों और स्थानीय लोगों का आभार भी व्यक्त किया।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेल की समस्या को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही है।
रिपोर्ट — सैय्यद नियामत अली
लोकेशन — उज्जैन
