मंदसौर/ भारत सरकार द्वारा यूजीसी (UGC) के नियमों में किए गए हालिया संशोधनों को "काला कानून" करार देते हुए राजपूत सिंह सभा जिला मंदसौर के नेतृत्व में विभिन्न सवर्ण संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को कोर्ट परिसर से नारेबाजी करते हुए सवर्ण समाज के पदाधिकारी जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
राजपूत सिंह सभा के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह परिहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह नया कानून दमनकारी है। इस कानून के तहत यदि किसी सवर्ण छात्र के विरुद्ध उच्च शिक्षण संस्थान में कोई झूठी या बेबुनियाद शिकायत की जाती है, तो छात्र को यह जानने का भी अधिकार नहीं होगा कि शिकायतकर्ता कौन है। श्री परिहार ने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रावधानों से सवर्ण समाज के मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी काला कानून वापस लो" “भारत माता की जय” और “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है” जैसे नारों से परिसर गुंजा दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया, तो पूरे देश में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में राजपूत समाज के साथ-साथ ब्राह्मण समाज, माहेश्वरी समाज और दशपुर जागृति संगठन सहित कई सवर्ण संगठनों ने एकजुटता दिखाई। ज्ञापन का वाचन संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह परिहार ने किया।
इस अवसर पर विजेंद्र सिंह चौहान, राघवेंद्र सिंह तोमर (एडवोकेट), जोगेंद्र सिंह तोमर (एडवोकेट), राजेश सिंह भदोरिया (एडवोकेट), शेर सिंह पवार (एडवोकेट), शिव शंकर सिंह तोमर, हरि शंकर शर्मा (सनाढ्य ब्राह्मण समाज), बालू सिंह सिसोदिया (दशपुर जागृति संगठन), भूपेंद्र सिंह भाटी (जिला राजपूत समाज), पुष्पा राठौड़, सुनील कुमार शर्मा (एडवोकेट), महेश सोमानी (अध्यक्ष, माहेश्वरी समाज), गोपाल जी (सचिव, माहेश्वरी समाज), बाबूलाल डागा, विनोद जाट, गजराज सिंह चौहान, लोकेंद्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।