मंदसौर जिले में उर्वरक वितरण के नियमों की अनदेखी करने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एमपी एग्रो, दो सहकारी समितियों और तीन निजी फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कृषि विभाग के उपसंचालक श्री रविंद्र मोदी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से खाद का वितरण अनिवार्य रूप से ई-विकास प्रणाली के जरिए करना था, लेकिन इन संस्थाओं ने पुरानी पीओएस मशीन पद्धति से उर्वरक बांटकर नियमों का उल्लंघन किया। जिला प्रशासन ने इसे 'उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985' की अवहेलना मानते हुए सभी संबंधित विक्रेताओं से तीन दिनों में जवाब मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर उनके लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।