नीमच/ मालवा की माटी और नीमच की सरजमीं 7 अप्रैल को एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के 'रक्षक' और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सिंगोली की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं। स्पीकर बिड़ला के इस दौरे को लेकर पूरे जिले में भारी उत्साह है, तो वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके।
Z+ सुरक्षा का घेरा, अभेद्य होगा किला:-
लोकसभा अध्यक्ष की गरिमा और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए पूरे कार्यक्रम स्थल को Z+ सिक्योरिटी के घेरे में ले लिया गया है। चप्पे-चप्पे पर आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो तैनात रहेंगे। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सिंगोली की सड़कों से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की सुरक्षा ऐसी है कि मानों पूरा इलाका एक छावनी में तब्दील हो गया हो।
दिग्गजों का जमघट: नीमच में जुटेगा 'सत्ता का पावर हाउस:-
इस भव्य कार्यक्रम में सिर्फ ओम बिड़ला ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति के कई धुरंधर भी मंच साझा करेंगे।
निर्मला भूरिया: जिले की प्रभारी मंत्री और फायरब्रांड नेता की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में जोश भरेगी।
सुधीर गुप्ता: क्षेत्रीय सांसद और संसदीय बारीकियों के जानकार सुधीर गुप्ता इस पूरे कार्यक्रम की कमान संभाले हुए हैं।
वरिष्ठ नेतृत्व: इनके अलावा क्षेत्र के कई विधायक और वरिष्ठ नेता इस महाकुंभ का हिस्सा बनेंगे।
सियासी गलियारों में हलचल: क्यों खास है ये दौरा:-
राजनीतिक पंडितों की मानें तो ओम बिड़ला का सिंगोली आना महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। इसके पीछे कई गहरे मायने छिपे हैं। माना जा रहा है कि इस मंच से क्षेत्र के विकास को लेकर कोई बड़ी घोषणा या संकेत मिल सकते हैं। 'स्पीकर' का जनता के बीच होना लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देता है।
