उज्जैन/ जगदीश परमार / सूत्रों से खबर मिल रही है कि आशापुरा वेयरहाउस संचालक अधिकारियों की दबिश पड़ने के बाद अधिकारियों से सेटिंग कर गेहूं को अन्य वेयरहाउस में शिफ्ट करने का समाचार मिल रहा है। अब देखना है कि अधिकारी कार्रवाई करते हैं या सिर्फ फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे हैं।
*2023 में ब्लैकलिस्ट हुआ था आशापुरा वेयरहाउस*
2023 में मध्य प्रदेश में 176 वेयरहाउस ब्लैकलिस्ट हुए थे, जिसमें उज्जैन जिले के महिदपुर स्थित मां आशापुरा वेयरहाउस भी शामिल था। यह वेयरहाउस अनाज के खराब रखरखाव और असमर्थ व्यवस्थापन के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। इसके कारणों में शामिल हैं:
- अनाज का खराब रखरखाव
- वेयरहाउस में आवश्यक सुविधाओं की कमी
- समय पर गोदाम नहीं खुलना
- एप्रोच रोड खराब होना
- तौल कांटों की समस्या
उज्जैन के महिदपुर तहसील में स्थित मां आशापुरा वेयरहाउस में गेहूं की अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। फूड कंट्रोलिंग की टीम ने रात 3:00 बजे वेयरहाउस पर दबिश दी और लगभग 1,840 क्विंटल गेहूं की अवैध भंडारण का पता लगाया। वेयरहाउस संचालक पर आरोप है कि उन्होंने किसानों से कम दाम में गेहूं खरीदा और शासन के नियमों का उल्लंघन किया।
सूत्रों के अनुसार, आशापुरा वेयरहाउस एक पूर्व सत्ताधारी पार्टी के दबंग का बताया जा रहा है। जब सत्ताधारी पार्टी में पूर्व विधायक विधायक था, तब क्षेत्र के लोग अत्यधिक परेशान हो गए थे। क्षेत्र की जनता ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक को घर पहुंच सेवा का अवसर दे दिया और एक ऐतिहासिक मतों से हराकर सह सम्मान घर भेज दिया।

वेयरहाउस संचालक द्वारा संचालन किया जा रहा वेयरहाउस में नियम के अंतर्गत आता तो अधिकारी रात को 11:00 बजे पहुंच कर दबिश देने का कारण क्या है? सूत्र बताते हैं वेयरहाउस संचालक अधिकारियों के पास जाकर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बना रहा है। अब देखना है क्या करते हैं अधिकारी, दबाव में आकर कार्रवाई से छोड़ देते हैं वेयरहाउस संचालक को या कार्रवाई कर आम जनता को राहत दिलाते हैं।
जिला कंट्रोलिंग अधिकारी शीला वर्मा का कहना है कि कार्रवाई चल रही है, लेकिन कब तक कार्रवाई चलती रहेगी इसका जवाब संतुष्ट पूर्वक नहीं दिया गया।
