मंदसौर / राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना (मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम) के अंतर्गत असंगठित श्रमिक वर्ग से संबंधित गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जा सके।

इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की गर्भवती महिलाएं एवं प्रसूताएं पात्र हैं। हितग्राही महिला अथवा उसके पति का पंजीयन असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल या मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में होना अनिवार्य है। योजना का लाभ अधिकतम दो जीवित जन्म तक ही दिया जाएगा।

योजना के अंतर्गत यह भी आवश्यक है कि प्रसव शासकीय चिकित्सालय अथवा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हाई-रिस्क पैकेज हेतु चिन्हित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कराया जाए। साथ ही नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान एवं शून्य डोज टीकाकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया के संबंध में बताया गया है कि हितग्राही को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। अनमोल आरसीएच पोर्टल में दर्ज जानकारी के आधार पर पात्रता का निर्धारण स्वतः किया जाता है।

आर्थिक सहायता के रूप में गर्भावस्था के 12 सप्ताह के भीतर पंजीयन कराने पर 4 हजार रुपये तथा संस्थागत प्रसव होने पर 2 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

यह योजना श्रमिक वर्ग के पंजीकृत परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा सके।