मंदसौर | जिला मंदसौर के विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने हत्या के एक गंभीर मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला माननीय विशेष न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा सुनाया गया।
न्यायालय ने निम्न आरोपियों को दोषी ठहराया —
- राहुल पिता गोवर्धन जाट (23 वर्ष)
- उंकारलाल पिता गोपीलाल धनगर (61 वर्ष)
- अर्जुन पिता बंशीलाल धनगर (30 वर्ष)
तीनों आरोपी ग्राम भिल्याखेड़ी, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर के निवासी हैं।
अभियोजन मीडिया प्रभारी एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी बलराम सौलंकी ने बताया कि घटना 05 दिसंबर 2023 की शाम करीब 7 बजे की है।
मृतक केशूराम भोजन करने के बाद अपने खेत की रखवाली करने गया था। कुछ समय बाद उसकी चीखने की आवाज सुनकर हंसराज, संदीप, किशोर, गोपाल और भंवरलाल मौके पर पहुंचे।
टार्च की रोशनी में उन्होंने देखा कि आरोपी राहुल, पंकज, अर्जुन और उंकारलाल मौके से भाग रहे थे। मौके पर घायल केशूराम के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और पेट की आंतें बाहर निकल आई थीं।
जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल ने मृतक से उसके भाई गोपाल की मोटरसाइकिल मांगी थी। मृतक द्वारा मोटरसाइकिल देने से मना करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की और लात-घूंसे, कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया।
घायल केशूराम को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 606/2023 दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ —
- धारा 294, 302/34 भादवि
- 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट
के तहत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान एक आरोपी पंकज उर्फ पंकेश पिता गोवर्धन जाट की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। माननीय विशेष न्यायालय ने अभियोजन के साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से प्रकरण का सफल संचालन विशेष लोक अभियोजक डॉली बैरागी द्वारा किया गया।
