कलेक्टर अदिति गर्ग ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी निजी अस्पताल अनिवार्य रूप से 'पीएम राहत योजना' में पंजीयन कराएं, ताकि सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल उपचार मिल सके; लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में परिवहन और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से वाहनों की फिटनेस, बीमा और रिफ्लेक्टर की जांच करने के साथ ही स्कूली बसों की 'ओके रिपोर्ट' तैयार करने को कहा गया। साथ ही, उज्जैन-गरोठ मार्ग पर सुधार कार्य, 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैशलेस व्यवस्था लागू करने, और बिना अनुमति सड़क खुदाई करने वालों पर वसूली की कार्यवाही करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए ताकि जिले की यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा को और सुदृढ़ बनाया जा सके।